भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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८५. इंद्र की स्तुति करने की प्रेरणा १-४ ८६. इंद्र की स्तुति ३ ८७. इंद्र की स्तुति १-७ बृहस्पति की स्तुति ६ ८८. बृहस्पति देव की स्तुति १-६ हवियों और नमस्कारों के द्वारा बृहस्पति की पूजा ६ ८९. इंद्र की स्तुति १-११ तीव्र स्वाद वाला सोमरस ८ बृहस्पति देव से रक्षा की कामना ११ ९०. बृहस्पति की स्तुति १-३ विशाल गोशालाएं ३ ९१. बृहस्पति देव की स्तुति १-१२ बृहस्पति स्तुतिकर्ता के रक्षक ११ इंद्र द्वारा मेघ पर प्रहार १२ ९२. इंद्र की स्तुति १-२१ भार को संभालने वाले इंद्र ११ वृद्धि की कामना २१ ९३. इंद्र की स्तुति १-८ ९४. इंद्र से शत्रु के विनाश का आग्रह १-११ हिंसक शत्रु से रक्षा की कामना ११ ९५. सोमरस पान १-४ इंद्र के बल की पूजा का परामर्श २ ९६. इंद्र की स्तुति १-२४ सोम का संस्कार न करने वाला प्रहार के योग्य ४ रोगी की चिरायु की कामना ९ अग्नि देव की स्तुति ११ यक्ष्मा रोग को नष्ट करना १९ ९७. इंद्र की प्रशंसा १-३ ९८. इंद्र की स्तुति १-२ ९९. इंद्र की स्तुति १-२ १००. इंद्र की स्तुति १-३ १०१. अग्नि की स्तुति १-३ १०२. अग्नि की स्तुति १-३ १०३. अग्नि की स्तुति १-३ १०४. इंद्र के लिए प्रशंसा मंत्रोच्चारण १-४ अग्नि की स्तुति ४ १०५. इंद्र की स्तुति १-५ वृत्र के हंता इंद्र ४ ebook converter DEMO Watermarks*