अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 431, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ेंशीश को काट दो. तुम अपने तेज से उन राक्षसों की पसलियों तथा पैरों के तीन भागों को भी काट दो. (१०) त्रिर्यातुधानः प्रसितिं त एत्वृतं यो अग्ने अनृतेन हन्ति. तमर्चिषा स्फूर्जयञ्जातवेदः समक्षमेनं गृणते नि युङ्ग्धि.. (११) हे अग्नि देव! राक्षस तुम्हारी ज्वालाओं को तीन बार प्राप्त करें. अर्थात् अग्नि उन्हें तीन बार प्रातः, दोपहर और शाम को जलाएं. जो मेरे सत्य यज्ञ को छल से नष्ट करता है, उसे पकड़ कर मेरे सामने ही अपनी ज्वालाओं से नष्ट कर दो. (११) यदग्ने अद्य मिथुना शपातो यद् वाचस्तृष्टं जनयन्त रेभाः. मन्योर्मनसः शरव्या ३ जायते या तया विध्य हृदये यातुधानान्.. (१२) हे अग्नि देव! जिस राक्षस के कारण स्त्री और पुरुष आक्रोश से भरे हुए हैं तथा यज्ञ के श्रोता कटुवाणी से मंत्रों का उच्चारण कर रहे हैं, उस राक्षस पर अपने ज्वाला युक्त मन का प्रहार करो. (१२) परा शृणीहि तपसा यातुधानान् पराग्ने रक्षो हरसा शृणीहि. परार्चिषा मूरदेवान्छृणीहि परासुतृपः शोशुचतः शृणीहि.. (१३) हे अग्नि देव! अपने तेज से राक्षसों का विनाश करो तथा अपने प्राणनाशक तेज से उन्हें मार डालो. हत्या कर्म के द्वारा पीड़ा करने वाले उन राक्षसों को अपनी ज्वाला से जला दो. जो दूसरे के प्राणों से अपनेआप को तृप्त करते हैं, ऐसे राक्षसों को तुम अपनी ज्वाला से जला दो. (१३) पराद्य देवा वृजिनं शृणन्तु प्रत्यगेनं शपथा यन्तु सृष्टाः. वाचास्तेनं शरव ऋच्छन्तु मर्मन् विश्वस्यैतु प्रसितिं यातुधानः.. (१४) आज देवगण राक्षस एवं पाप देवता को ऐसा मारें कि वे लौट कर न आएं. राक्षसों अथवा पाप को संतुष्ट करने वाले जो लोग हमें शाप देते हैं वह उन्हीं की ओर चला जाए. असत्य वचन के द्वारा जो प्रहार करता है, देवों के बाण उस के मर्म स्थल में लगें. वह राक्षस संसार को व्याप्त करने वाले अग्नि देव की ज्वाला में गिरे. (१४) यः पौरुषेयेण क्रविषा समङ्क्ते यो अश्व्येन पशुना यातुधानः. यो अघ्न्याया भरति क्षीरमग्ने तेषां शीर्षाणि हरसापि वृश्च.. (१५) जो राक्षस पुरुषों के मांस से अपना पोषण करता है तथा घोड़े और बकरी आदि के मांस से पुष्ट होता है, हे अग्नि देव! जो राक्षस गाय का दूध चुराता है. उन सब के सिरों को अपनी ज्वाला से काट दो. (१५) ebook converter DEMO Watermarks*