भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 48, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 48

स्तुवानमग्न आ वह यातुधानं किमीदिनम्. त्वं हि देव वन्दितो हन्ता दस्योर्बभूविथ.. (१) हे अग्नि! हम जिन देवों की स्तुति करते हैं, उन्हें तुम हमारे समीप लाओ एवं हमें मारने की इच्छा से घूमने वाले राक्षसों को हम से दूर भगाओ. हे दिव्य गुणों वाले अग्नि! हमारे नमस्कार आदि से प्रसन्न तुम दस्युजनों की हत्या कर देते हो. (१) आज्यस्य परमेष्ठिन् जातवेदस्तनूवशिन्. अग्ने तौलस्य प्राशान यातुधानान् वि लापय.. (२) हे स्वर्ग आदि उत्तम स्थानों में निवास करने वाले, हे जातवेद एवं हे जलशक्ति रूप में सब के शरीरों में स्थित अग्नि! हमारे द्वारा सुवा आदि से नाप कर दिए गए घृत का भोजन कीजिए एवं राक्षसों का विनाश भी कीजिए. (२) वि लपन्तु यातुधाना अत्रिणो ये किमीदिनः. अथेदमग्ने नो हविरिन्द्रश्च प्रति हर्यतम्.. (३) हे अग्नि! आप और परम ऐश्वर्य वाले इंद्र, हमारे दिए गए हवि को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार करें. राक्षस, सब का भक्षण करने वाले दस्यु एवं इधरउधर घूमने वाले दुष्ट जन नष्ट हो जाएं. (३) अग्निः पूर्व आ रभतां प्रेन्द्रो नुदतु बाहुमान्. ब्रवीतु सर्वो यातुमान् अयमस्मीत्येत्य.. (४) सब से पहले अग्नि देव राक्षसों को दंड देना आरंभ करें. इस के पश्चात शक्तिशाली भुजाओं वाले इंद्र राक्षसों को दूर भगाएं. अग्नि और इंद्र से पीड़ित सभी राक्षस आ कर आत्मसमर्पण करें और अपना परिचय दें कि मैं अमुक हूं. (४) पश्याम् ते वीर्यं जातवेदः प्र णो ब्रूहि यातुधानान् नृचक्षः. त्वया सर्वे परितप्ताः पुरस्तात् त आ यन्तु प्रब्रुवाणा उपेदम्.. (५) हे सब को जानने वाले अग्नि! हम आप का पराक्रम देखें. हे उपासना के योग्य अग्नि! हमारी इच्छानुसार राक्षसों से कहिए कि वे हमें दुःख न दें. आप के द्वारा सताए हुए राक्षस अपना परिचय देते हुए हमारी शरण में आएं. (५) आ रभस्व जातवेदो ऽ स्माकार्थाय जज्ञिषे. दूतो नो अग्ने भूत्वा यातुधानान् वि लापय.. (६) हे सब को जानने वाले अग्नि! तुम राक्षसों के विनाश का कार्य आरंभ करो, क्योंकि तुम हमारे प्रयोजन पूर्ण करने के लिए उत्पन्न हुए हो. हे अग्नि! तुम हमारे दूत बन कर राक्षसों को ebook converter DEMO Watermarks*

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