भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 685, कुल 1063 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 685

सूर्यस्याश्वा हरयः केतुमन्तः सदा वहन्त्यमृताः सुखं रथम्. घृतपावा रोहितो भ्राजमानो दिवं देवः पृषतीमा विवेश.. (२४) सूर्य के घोड़े वेगशाली और ज्ञान युक्त हैं. वे अमरत्व वाले रथ को सरलता से खींचते हैं. फल से संपन्न करने योग्य वे सूर्य पृषती के साथ स्वर्ग में प्रवेश करें. (२४) यो रोहितो वृषभस्तिग्मशृङ्गःपर्यग्निं परि सूर्यं बभूव. यो विष्टभ्नाति पृथिवीं दिवं च तस्माद् देवा अधि सृष्टिः सृजन्ते.. (२५) वे रोहित अर्थात् लाल रंग के तथा अभीष्ट की वर्षा करने वाले हैं. वे तीक्ष्ण राशियों वाले हैं. जो अग्नि देव सूर्य, पृथ्वी और आकाश को स्थिर रखते हैं, देवता उन्हीं के बल से सृष्टि की रचना करते हैं. (२५) रोहितो दिवमारुहन्महतः पर्यर्णवात्. सर्वा रुरोह रोहितो रुहः.. (२६) वे सूर्य आकाश पर चढ़ते हैं तथा रोहणशील वस्तुओं पर भी चढ़ते हैं. (२६) वि मिमीष्व पयस्वतीं घृताचीं देवानां धेनुरनपस्पृगेषा. इन्द्रः सोमं पिबतु क्षेमो अस्त्वग्निः प्र स्तौतु वि मृधो नुदस्व.. (२७) हे यजमान! तुम देवताओं की दुधारू और पूजनीय गौ का मान करने के कारण अन्यों को स्पर्श करने वाले अर्थात् पराजित करने वाले हो. अग्नि तुम्हारा कुशलमंगल करें तथा इंद्र देव सोम रस का पान करें. इस के बाद तू शत्रुओं को युद्धस्थल से खदेड़ दे. (२७) समिद्धो अग्निः समिधानो घृतवृद्धो घृताहुतः. अभीषाड् विश्वाषाडग्निः सपत्नान् हन्तु ये मम.. (२८) ये अग्नि प्रदीप्त हो कर घृत से प्रबुद्ध हुए हैं. इस में घृत की आहुति दी गई है. अग्नि देव शत्रुओं को पराजित करने वाले हैं. अतः वे मेरे शत्रुओं का संहार करें. (२८) हन्त्वेनान् प्र दहत्यरियो नः पृतन्यति. क्रव्यादग्निना वयं सपत्नान् प्र दहामसि.. (२९) अग्नि देव उन सब शत्रुओं का संहार करें जो शत्रु सेना सहित आ कर हमें मारना चाहे, अग्नि देव उसे भस्म कर दें. (२९) अवाचीनानव जहीन्द्र वज्रेण बाहुमान्. अधा सपत्नान् मामकानग्नेस्तेजोभिादिषि.. (३०) हे शक्तिशाली भुजाओं वाले इंद्र! तुम हमारे शत्रुओं को मारो. हे अग्नि! तुम अपनी ज्वालाओं से उन्हें भस्म कर दो. (३०) ebook converter DEMO Watermarks*