भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 808, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 808

करता हूं. (५) यं त्वमग्ने समदहस्तमु निर्वापया पुनः. क्याम्बूरत्र रोहतु शाण्डदूर्वा व्यल्कशा.. (६) हे अग्नि! जिस पुरुष को तुम ने भस्म किया है, उसे सुखी करो. इस स्थान पर दुःखनाशक दूब घास उग सके, उस के लिए यहां कितना जल डालना चाहिए? (६) इदं त एकं पर ऊ त एकं तृतीयेन ज्योतिषा सं विशस्व. संवेशने तन्वा ३ चारुरेधि प्रियो देवानां परमे सधस्थे.. (७) हे प्रेत! यह गार्हपत्य अग्नि तुझे परलोक पहुंचाने वाली ज्योति है. न रुकने वाली पवन दूसरी तथा आहवनीय अग्नि तीसरी ज्योति है. तू आहवनीय अग्नि से मिल तथा अग्नि में प्रवेश करने के कारण देव शरीर को प्राप्त कर के बढ़. इस के बाद तू इंद्र आदि देवताओं का प्रिय पात्र होगा. (७) उत्तिष्ठ प्रेहि प्र द्रवौकः कृणुष्व सलिले सधस्थे. तत्र त्वं पितृभिः संविदानः सं सोमेन मदस्व सं स्वधाभिः.. (८) हे प्रेत! तू इस स्थान से उठ और चल. शीघ्रता से चलता हुआ तू अंतरिक्ष को अपना निवास स्थान बना तथा पितरों से मिल कर सोमरस का पान करता हुआ हर्षित हो. (८) प्र च्यवस्व तन्वं १ सं भरस्व मा ते गात्रा वि हायि मो शरीरम्. मनो निविष्टमनुसंविशस्व यत्र भूमेर्जुषसे तत्र गच्छ.. (९) हे प्रेत! तू अपने शरीर के सब अंगों को एकत्र कर. तेरा कोई भी अंग यहां न छूट जाए. तेरा मन जिन स्वर्ग आदि स्थानों में रमा है, तू वहां प्रवेश कर. तू जिस भूमि से प्रेम करता है, उसी भूमि को प्राप्त हो. (९) वर्चसा मां पितरः सोम्यासो अञ्जन्तु देवा मधुना घृतेन. चक्षुषे मा प्रतरं तारयन्तो जरसे मा जरदृष्टिं वर्धन्तु.. (१०) सोमरस पीने के अधिकारी पितर मुझे तेजस्वी बनाएं. विश्वे देव मुझे मधुर घृत से युक्त करें. मैं दीर्घकाल तक देखता रहूं, इसलिए तू मुझे रोगों से मुक्त करते हुए बढ़. (१०) वर्चसा मां समनक्त्वग्निर्मेधां मे विष्णुर्न्य नक्त्वासन्. रयिं मे विश्वे नि यच्छन्तु देवाः स्योना मापः पवनैः पुनन्तु.. (११) अग्नि देव मुझे तेजस्वी बनाएं तथा विष्णु मेरे मुख में बुद्धि को भलीभांति स्थापित करें. विश्वे देव मुझे सुख देने वाले धन का स्वामी बनाएं. जल अपने शुद्ध साधन वायु के द्वारा मुझे ebook converter DEMO Watermarks*