भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 845, कुल 1063 में से

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कार्य से पहले होने वाले कारण मेरे लिए शांत हों. मेरे द्वारा किए गए और न किए गए दुष्कर्म मुझे शांति प्रदान करने वाले हों. भूतकाल के कार्य और भविष्यत् काल के कार्य मेरे लिए शांतिप्रद हों. भूत, भविष्यत् और वर्तमान कालों से संबंधित सभी कार्य मेरे लिए शांति देने वाले हों. (२) इयं या परमेष्ठिनी वाग् देवी ब्रह्मसंशिता. ययैव ससृजे घोरं तयैव शान्तिरस्तु नः.. (३) उत्तम स्थान में रहने वाली अथवा ब्रह्मा की पत्नी, मंत्रों के द्वारा भलीभांति उत्तेजित एवं विद्वानों के द्वारा स्वयं अनुभव की गई जो वाग्देवी अथवा सरस्वती हैं, ये शाप देने आदि में भी उच्चारण की जाती हैं—ये हमारे लिए शांति देने वाली हों. (३) इदं यत परमेष्ठिनं मनो वां ब्रह्मसंशितम्. येनैव ससृजे घोरं तेनैव शान्तिरस्तु नः.. (४) परमेष्ठी ने सृष्टि के आदि में मन की रचना की, जो संसार का मूल कारण है. ऐसा ब्रह्म ने कहा है. जिस मन के द्वारा कर्म किया जाता है, उसी मन के द्वारा हमें शांति प्राप्त हो. (४) इमानि यानि पञ्चेन्द्रियाणि मनःषष्ठानि मे हृदि ब्रह्मणा संशितानि. यैरेव ससृजे घोरं तैरेव शान्तिरस्तु नः.. (५) जो पांच ज्ञानेंद्रियां, (आंख, कान, नाक, जिह्वा और त्वचा) हैं, इन के अतिरिक्त मन छठी ज्ञानेंद्रिय है. ये मेरे हृदय में स्थित हैं और चेतन आत्मा इन पर नियंत्रण करता है. इन्हीं के द्वारा घोर कर्म किया जाता है. इन्हीं के द्वारा हमें शांति प्राप्त हो. (५) शं नो मित्रः शं वरुणः शं विष्णुः शं प्रजापतिः. शं न इन्द्रो बृहस्पतिः शं नो भवत्वर्यमा.. (६) मित्र अर्थात् सूर्य, वरुण, विष्णु, प्रजापति, इंद्र, बृहस्पति और अर्यमा हमें शांति प्रदान करने वाले हों. (६) शं नो मित्रः शं वरुणः शं विवस्वाञ्छमन्तकः. उत्पाताः पार्थिवान्तरिक्षाः शं नो दिविचरा ग्रहाः.. (७) मित्र, वरुण, सूर्य तथा अंतक हमें शांति प्रदान करें. पृथ्वी और अंतरिक्ष में होने वाले उत्पात एवं द्युलोक में संचरण करने वाले गृह हमें शांति प्रदान करें. (७) शं नो भूमिर्वेप्यमाना शमुल्का निर्हतं च यत्. शं गावो लोहितक्षीराः शं भूमिरव तीर्यतीः.. (८) ebook converter DEMO Watermarks*