भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 868, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 868

इंद्र देव को अपनी रक्षा के लिए बुलाते हैं. (७) हिरण्यवर्णो अजरः सुवीरो जरामृत्युः प्रजया सं विशस्व. तदग्निराह तदु सोम आह बृहस्पतिः सविता तदिन्द्रः.. (८) हे यजमान! तू सोने के समान कांति वाला, जरा रहित, कर्म करने में कुशल पुत्रों वाला तथा वृद्धावस्था से ही मृत्यु प्राप्त करने वाला हो कर अपने घर में निवास करे. अग्नि इस सूक्त में कहे गए अर्थ से परिचित हैं. यही सोम देव ने कहा है. बृहत् पति, सविता और इंद्र ने भी यही कहा है. (८) सूक्त-२५ देवता—वाजी अश्रान्तस्य त्वा मनसा युनज्मि प्रथमस्य च. उत्कूलमुद्वहो भवोदुह्य प्रति धावतात्.. (१) हे अश्व! मैं तुझे शत्रु सेना पर आक्रमण करने में भी न थकने वाला तथा सृष्टि के आदि में उत्पन्न घोड़े के मन से युक्त करता हूं. शरीर की दृढ़ता, शीघ्र गमन तथा शत्रु सेना को पराजित करने वाली सामर्थ्य वाले तुम गर्वीले बनो. जिस प्रकार सरिता का प्रवाह तटों को नष्ट कर के चलता है, उसी प्रकार तुम भी युद्ध के लिए प्रस्तुत हो. इस प्रकार के अश्व से मैं मन चाहे फल प्राप्त करूं. हे अश्व! तुम जीतने योग्य स्थान की ओर शीघ्र दौड़ो. (१) सूक्त-२६ देवता—अग्नि अग्नेः प्रजातं परि यद्धिरण्‍यममृतं दध्रे अधि मर्त्येषु. य एनद् वेद स इदेनमर्हति जरामृत्युर्भवति यो बिभर्ति.. (१) अग्नि से उत्पन्न स्वर्ण तथा मरणधर्मा मनुष्यों में अमृत अर्थात् आत्मा के रूप में व्याप्त सुवर्ण के रूपों को जानने वाला पुरुष ही स्वर्ण को धारण करने का अधिकारी है. इस सुवर्ण का आभूषण जो धारण करता है, वह वृद्धावस्था में मृत्यु को प्राप्त करता है. (१) यद्धिरण्यं सूर्येण सुवर्णं प्रजावन्तो मनवः पूर्व ईषिरे. तत् त्वा चन्द्रं वर्चसा सं सृजत्यायुष्मान् भवति यो बिभर्ति.. (२) प्रज्ञावान मनु ने सूर्य से उत्पन्न जिस सुवर्ण को प्राप्त किया था, मनुष्यों द्वारा धारण किया गया वह सुवर्ण प्रसन्नता पहुंचाने वाले तेज से तुम्हें संयुक्त करे. जो पुरुष इस सुवर्ण को धारण करता है, वह चिरजीवी होता है. (२) आयुषे त्वा वर्चसे त्वौजसे च बलाय च. यथा हिरण्यतेजसा विभासासि जनाँ अनु.. (३) ebook converter DEMO Watermarks*

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