भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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ग्वारपाठे को धारण कर के अथवा खा कर मैं अपने विरोधी वक्ताओं को उसी प्रकार निरुत्तर कर दूंगा, जिस प्रकार इंद्र ने जंगली कुत्तों का रूप धारण करने वाले असुरों को हराया था. हे ग्वारापाठा! मुझ प्रश्न करने वाले से जो विरोधी प्रतिप्रश्न करते हैं, उन्हें तुम पराजित करो तथा मेरे विरोधी वक्ताओं का गला सुखा दो, जिस से वे बोल न सकें. (५) रुद्र जलाषभेषज नीलशिखण्ड कर्मकृत्. प्राशं प्रतिप्राशो जह्यरसान् कृण्वोषधे.. (६) हे सुखकर जड़ीबूटियों वाले, नीले रंग के विखंड अर्थात् मोर के पंखों के मुकुट से युक्त एवं अपने उपासकों के दुष्कर्मों को काटने वाले रुद्र! मेरे द्वारा सेवन की जाती हुई ग्वारपाठा नाम की जड़ी को मेरे विरोधी वक्ताओं का तिरस्कार करने योग्य बनाओ. हे ग्वारपाठा! मुझ प्रश्न करने वाले से जो विरोधी प्रतिप्रश्न पूछते हैं, उन्हें तुम पराजित करो तथा मेरे विरोधी वक्ताओं का मुंह सुखा दो, जिस से वे बोल न सकें. (६) तस्य प्राशं त्वं जहि यो न इन्द्राभिदासति. अधि नो ब्रूहि शक्तिभिः प्राशि मामुत्तरं कृधि.. (७) हे इंद्र! जो विरोधी वक्ता अपनी युक्तियों से मेरा तिरस्कार करता है, तुम उस के उस प्रश्न को समाप्त कर दो, जो मेरे प्रतिकूल हो. तुम अपनी शक्तियों से मुझे अधिक बोलने वाला बनाओ तथा मुझ प्रश्न पूछने वाले को उत्तर देने वाले से श्रेष्ठ बनाओ. (७) सूक्त-२८ देवता—जरिमा, आयु आदि तुभ्यमेव जरिमन् वर्धतामयं मेममन्ये मृत्यवो हिंसिषुः शतं ये. मातेव पुत्रं प्रमना उपस्थे मित्र एनं मित्रियात् पात्वंहसः.. (१) हे स्तुति किए जाते हुए अग्नि देव! तुम्हारी सेवा के लिए ही यह कुमार रोग आदि से रहित हो कर बढ़े. जो असंख्य हिंसक रोग एवं पिशाच हैं, वे भी इस बालक की हिंसा न करें. माता जिस प्रकार पुत्र को गोद में ले कर उस की रक्षा करती है, उसी प्रकार मित्र नाम के देव पाप से इस बालक की रक्षा करें. (१) मित्र एनं वरुणो वा रिशादा जरामृत्युं कृणुतां संविदानौ. तदग्निर्होता वयुनानि विद्वान् विश्वा देवानां जनिमा विवक्ति.. (२) हिंसकों का भक्षण करने वाले मित्र एवं वरुण एक मत हो कर इस बालक को वृद्धावस्था के द्वारा मरने वाला बनाएं. देवों का आह्वान करने वाले एवं जानने योग्य बालकों को जानने वाले अग्नि देव समस्त प्रादुर्भाव के स्थानों को पा कर इस के लिए दीर्घ आयु का वचन दें अर्थात् इस की आयु बढ़ाएं. (२) ebook converter DEMO Watermarks*