भारतकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished112 पृष्ठ

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साहिब बन्दशी

धनुरासन की विधि

पेट के बल लेटें। अब घुटनों को मोड़कर टॉगें ऊपर की ओर ले जाएँ। अब सिर भी ऊपर की ओर उठाएँ। अब हाथों से दोनों टॉगों को पकड़ लें और धीरे-से खींचें, जिससे धनुष का आकार बन जाए। दृष्टि ऊपर की ओर रहे। जितनी देर रह सकें, रहने के बाद धीरे-से साधारण स्थिति में आएँ।

लाभ :

  • □ मंदाग्नि को दूर करता है।
  • □ कब्ज को दूर करता है।
  • □ बवासीर में लाभकारी है।
  • □ दिमाग़ तो ताक़त देता है।

नोट : प्रत्येक आसन को करने के बाद शवासन जरूरी है। इसके लिए तनावमुक्त होकर बाज़ुओं को ढीला छोड़कर आँखें बंद करके एक-डेढ़ मिनट के लिए लेट जाएँ और लंबी गहरी सांस लेते रहें।

ये आसन आपको कई छोटी-छोटी ही नहीं, बल्कि बड़ी-से-बड़ी बीमारियों से छुटकारा ही नहीं दिलाते, होने से भी बचाते हैं। इसलिए अपनी सुविधानुसार कुछ आसन और प्राणायाम आप नित्य करके अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं।

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