आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
DevanagariHindipublished112 पृष्ठ
पृष्ठ 13, कुल 112 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 13
रोगों के नाश में वनस्पति
जगत का कमाल
अनिद्रा रोग है
अरंड का कमाल
अरण्ड के बीज को जलाकर काजल बना लें। उसे काजल की तरह ही आँखों में लगाएँ।
पीपल चूर्ण का कमाल
पीपल चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर खाएँ।
जायफल का कमाल
जायफल को घी में घिसें और फिर पलकों पर लगा लें।
अन्य सहायक उपचार
- ❑ भुंगराज तेल की सिर पर मालिश करें।
- ❑ धनिये के रस में मिश्री मिलाकर सेवन करें। बड़ा लाभकारी है।
- ❑ सेब का मुरब्बा खाएँ।
अपच ( बद्धज्मी ) है
अडूसे का कमाल
अडूसे के वृक्ष की छाल को साफ कर उबालकर काढ़ा बना लें। 60 से 80 ग्राम यह काढ़ा रोगी को देना बड़ा ही लाभकारी सिद्ध होता है।
13