भारतकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished112 पृष्ठ

पृष्ठ 44, कुल 112 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 44

44

साहिब बन्दगी

टॉन्सिल है

बायविडंग का कमाल

बायविडंग, हल्दी और सेंधा नमक-तीनों 7-7 ग्राम की मात्रा में लेकर 600 ग्राम पानी में डालकर उबालें। अब किसी साफ कपड़े से छान लें। इस पानी से सुबह-शाम दोनों समय गरारे करें।

अन्य और सहायक उपचार

  • □ पानी को गर्म करके उसमें आधा चम्मच नमक डालकर गरारे करें।
  • □ सिंह मुद्रासन, मत्स्यासन करें।

टी. बी. है

लहसुन का कमाल

लहसुन की 12 कलियाँ एक गिलास दूध में उबालें। अब उन कलियों को निकालकर चबा-चबाकर खाएँ और फिर दूध पी लें।

केले का कमाल

केले के मोटे तने का टुकड़ा ले आएँ और उसका रस निकाल लें। अब उसे छानकर एक गिलास रस ढाई घण्टे के अन्तराल में रोगी को देते रहें। रस ताजा ही हो। यह बहुत ही लाभकारी है।

खजूर का कमाल

7-8 खजूर को आधा किलो दूध में उबाल लें। यह दवा अत्यन्त हितकारी है।

प्याज का कमाल

150 ग्राम प्याज चबाकर खाएँ। दिन में कम-से-कम 3 बार यह

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में) · पृष्ठ 44, कुल 112 में से · BharatKosha