भारतकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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साहिब बन्दशी

नींबू का कमाल

10 ग्राम नींबू के रस में इतनी ही शक्कर मिलाकर रात के समय कुछ दिन तक सेवन करें।

अन्य सहायक उपचार

  • □ इमली के पत्तों के रस का सेवन करें।
  • □ अंजीर का सेवन करें।
  • □ साबुन को तेल लगाकर गुदा द्वार के अंदर रखें।
  • □ पतागोभी के कच्चे पत्ते खाने की आदत डालें।
  • □ पीछे पाँच फार्मूलों में बताया गया व्रत रखना।

पुराना ज्वर है

कटेरी का कमाल

कटियाली, सोंठ और गिलोय-सबको पानी में उबाल इनका काढ़ा बनाकर रोगी को हररोज कुछ दिन तक पिलाएँ। लाभकारी है।

भुईआँवला का कमाल

भुईआँवला के पंचाग को पानी में उबालकर जब पानी आधा रह जाए तो छानकर पिलाने से बहुत लाभ होता है।

अतीस का कमाल

अतीस का चूर्ण बनाकर रख लें। 4 ग्राम इस चूर्ण को पानी के साथ सुबह-शाम रोगी को दें।

अजवायन का कमाल

12 ग्राम अजवायन और 3 बड़ी पीपर पौन कप पानी में सुबह-सुबह मिट्टी के बर्तन में भिगो दें। अगली सुबह पीपर और अजवायन को उस पानी के साथ कूट-पीसकर सेवन करें। बड़ा लाभकारी है।