आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
DevanagariHindipublished112 पृष्ठ
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आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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| □ | सफेद दाग हैं | 81 |
|---|---|---|
| □ | सामान्य ज्वर हैं | 81 |
| □ | सिर में जुएँ हैं | 82 |
| □ | सिर में दर्द है | 83 |
| □ | सुनाई कम देता है | 84 |
| □ | सूजन है | 84 |
| □ | सूजाक है | 84 |
| □ | स्तनों में दूध की कमी है | 85 |
| □ | स्वप्न दोष है | 85 |
| □ | हाथी पाँव है | 86 |
| □ | हिचकियाँ आ रही हैं | 86 |
| □ | हिस्टोरिया है | 86 |
| □ | हृदय रोग है | 87 |
| □ | हैजा है | 88 |
- | विषधारियों ने काटा है | 89
- | कुछ ध्यान देने योग्य बातें | 92
- | प्राणायाम और योगासनों द्वारा स्वास्थ्य रक्षा | 95 □ | वस्त्रिका प्राणायाम | 95 □ | कपालभाती प्राणायाम | 95 □ | अनुलोमविलोम प्राणायाम | 95 □ | भुजंगासन की विधि | 96 □ | मत्स्यासन की विधि | 97 □ | वज्रासन की विधि | 98 □ | सिंहमुद्रासन की विधि | 98 □ | योग मुद्रासन की विधि | 99 □ | पद्मासन की विधि | 99 □ | धनुरासन की विधि | 100
- | चिंता का जहर छोड़ें भरोसे की दवा खाएँ | 101
नोट : दवा की जो भी मात्रा है, बच्चों को उससे आधी मात्रा ही देनी चाहिए