आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
DevanagariHindipublished112 पृष्ठ
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आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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विष खा लिया है
लहसुन का कमाल
जितना अधिक हो सके, लहसुन खिलाएँ ताकि उल्टी हो सके।
हींग का कमाल
हींग को पानी में घोल पर पिलाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
- ▣ दूध में 225 ग्राम गाय का या कोई भी देसी घी डालकर पिला दें।
वीर्य की कमी है
अदरक का कमाल
- ▣ 5 ग्राम अदरक को पीसकर, 5 ग्राम शहद, 5 ग्राम सफेद प्याज का रस और 5 ग्राम देसी घी में मिलाकर सुबह खाली पेट चाटा करें। बहुत ही लाभकारी है।
अन्य और सहायक उपचार
- ▣ उड़द के लड्डू दूध के साथ खाएँ।
वीर्य पतला है
बबूल का कमाल
बबूल की फली (कच्ची), शतावर, मौलिसरी की छाल, मोचरस-सबको कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। 3 ग्राम यह चूर्ण रोज खाएँ।
जामुन का कमाल
जामुन की गुठली को पीसकर चूर्ण बना लें। 6 ग्राम यह चूर्ण दूध के साथ लें।