आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
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पानी में डालकर पीएँ।
असगन्ध का कमाल
3 ग्राम असगन्ध, 3 ग्राम खुरासानी और 13 ग्राम जटामासी लेकर 125 ग्राम पानी में पका लें। जब पानी आधा रह जाए तो उतारकर छान लें। इस दवा का सेवन बड़ा ही लाभकारी है।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ फलों का सेवन करें।
- ❑ दौरा आने पर हींग सुँघाएँ।
हृदय रोग है
अडूसे का कमाल
अडूसे के छोटे पेड़ को जड़ और पत्तों सहित उखाड़कर पानी से साफ कर लें और फिर कुछ देर छाया में सुखा लें। अब अच्छी तरह से पीसकर छान लें। यह चूर्ण (हथेली-भर) रोज़ खाना बहुत लाभदायक सिद्ध होता है।
पीपल का कमाल
पीपल, कचूर, हर की छाल, सोंठ, पुष्करमूल, बच और राक्षा सबको समान मात्रा में लेकर अच्छी तरह पीस लें। यह चूर्ण आपको रोज़ दूध के साथ लेना है। इसे जल के साथ भी लिया जा सकता है।
आँवले का कमाल
सूखे आँवलों को कूट-पीस लें। फिर मिश्री मिलाकर रख लें। दवा तैयार है। ढाई चम्मच यह दवा रोज़ सुबह खाली पेट पानी के साथ लें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ नारंगी का सेवन करें।