भारतकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में

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मकड़ी ने काटा है

आम का कमाल

अमचूर को पानी के साथ घिसकर लेप बना लें। यह लेप काटे हुए स्थान पर लगाएँ।

मधुमक्खी ने काटा है

शहद का कमाल

  • ❑ शहद में माचिस का मसाला मिलाकर लगाएँ।
  • ❑ शहद में आक का दूध मिलाकर लगाएँ।

साँप ने काटा है

अंकोल का कमाल

अंकोल की जड़ को अच्छी तरह से पीस रस निकालकर पिलाएँ।

बेल का कमाल

बेल और कैथ-दोनों की जड़ को पानी में पीसकर पिलाएँ। बड़ी लाभकारी है।

करौंदे का कमाल

करौंदे की जड़ को पानी में उबालकर पिलाएँ।

अन्य और सहायक उपचार

  • ❑ 18 ग्राम प्याज के रस में इतना ही सरसों का तेल मिलाकर रोगी को पिलाएँ। पौन घण्टे बाद फिर यही दवा दें। फिर पौन घण्टे बाद एक और दवा दें।
  • ❑ नीम की पत्तियाँ खिलाएँ।
  • ❑ विषखपरा का रस पिलाएँ।
  • ❑ पानी में फिटकरी घोल कर पिलाएँ।