बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)
Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary
आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा
DevanagariHindipublished774 पृष्ठ
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->नोदकुम्भेन! So it is माहानेनोदकुम्भेन! Wait, is माहानa vessel? Yes!माहानorमहाहन? Wait! In Vedic: माहान(mahāna) = a large vessel or cart? Orमहाहवेन? Wait, let's look at ह: is it हorनorद? Wait, मा+हा+ने+न: माहानेन! Wait, could it be अहानेन? बलवांत्स माहानेनोदकुम्भेन`!
Now look at line 9-10:
संततया धारया त्रिर्-
पसव्यैः परिषिञ्चन्यरीव्यैति ' स तथा करोति ' निधाय कुम्भं
Wait! त्रिर्-
पसव्यैः? No, अपसव्यं!
Look at line 10:
पसव्यं? Wait, line 9 ends with त्रिर्-.
Line 10 starts with ऽपसव्यं or पसव्यम्?
Look at line 10:
पसव्यं? No, it has ऽ or not?
Wait, त्रिर् + अपसव्यम् = `त्र