भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

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->स उपकल्पयते`.

Line 8: चन्द्रं च छागां च कृष्णवलक्षावूर्णास्तुके २ उष्णीषं द्वे वाससी Wait, footnote 2: २ This seems to be also the reading... कृष्णवलक्ष्या ऊर्णास्तुके. Yes, is after कृष्णवलक्षावूर्णास्तुके!

Line 9: द्वे कृष्णाजिने सोमक्रयणी शेषाऽरुणा पिङ्गैलैकहायनी भवति Wait! Look at सोमक्रयणी: After सोमक्रयणी, what is that symbol? Look at line 9: सोमक्रयणी then ? Or र्? Wait! Look at the glyph between सोमक्रयणी and शेषा: It looks like र् or ? Wait, look at line 12: स्थालौ then षडूरणोमं५शुग्रहण then हिरण्य- Wait, what is that symbol after सोमक्रयणी, after स्थालौ, after मं५शुग्रहण, after मौदुम्बरी? LOOK AT THOSE CAREFULLY! Line 9: सोमक्रयणीऽ or सोमक्रयणीर्? Wait, line 12: स्थालौ᳭? No! Wait! Look

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