भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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धत्त शुक्रꣳ शुक्रपेभ्यो येषां भाग स्थ स्वाहेति । Wait, in : is it देवत्रा? Yes: "देवेभ्यो देवत्रा धत्त शुक्रꣳ शुक्रपेभ्यो येषां भाग स्थ स्वाहेति ।" Let's check line 6: "देवेभ्यो देवत्रा धत्त शुक्रꣳ शुक्रपेभ्यो येषां भाग स्थ स्वाहेति ।'" Wait, is there an apostrophe / single quote after स्वाहेति । ? In line 6: "स्वाहेति ।'" - yes, there is an avagraha-like or single quote mark: ।' (Caland uses this to mark the end of mantras/quotes!). Let's check where else it appears: Line 7: "मृध्रमिति ।'" - yes! Caland puts a quote mark: ।' Line 10: "पन्नेजनीर्गृह्णामीति ।'" - yes! ।' Line 13: "वसतीवरीर्यानयति ।'" - yes! ।' Line 19: "सादयति तूष्णीम् ।' ॥ ३ ॥" - yes, ।' before ॥ ३ ॥ Line 20: "अथाध्वर्युर्होतुश्चमसमेति ।'" - yes, ।' after चमसमेति ।

Let's check line 7: मैत्रावरुणचमसेनाङ्हुतिमप