बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)
Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary
आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा
DevanagariHindipublished774 पृष्ठ
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orय ऋ` for e + ṛ!
Let's check line 13:
कं च³ ग्रावाणमादायोन्नेतारमाहाहरोपसृजेत्युपसृजत्युन्नेताधव-
Wait, look at आहाहरोपसृजेत्युपसृजत्युन्नेताधव-:
माहाहरोपसृजेत्युपसृजत्युन्नेताधव-
मा हा ह रो प सृ जे त्यु प सृ ज त्यु न्ने ता ध व-
Line 14:
नीयादुदचनेनापरिमितमभिषुत्याथैनग्ँ सुसंभृतग्ँ संभरण्याग्ँ
नीयादुदचनेनापरिमितमभिषुत्याथैनग्ँ सुसंभृतग्ँ संभरण्याग्ँ
Line 15:
१५ संभृत्योन्नेत्र उन्नयच्छति ' तमुन्नेताधवनीये ऽवनयत्येवमेव
Wait: संभृत्योन्नेत्र उन्नयच्छति '
Wait, does it say उन्नयच्छति or उद्यच्छति?
Look at line 15:
संभृत्योन्नेत्र
Then: उ न्न य च्छ