भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

पृष्ठ 302, कुल 774 में से

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स्वाहेत्यैतदुपयमनमन्तर्वेदिWait, look at line 16:भूः स्वाहेत्यैतदुपयमनमन्तर्वेदिWait, afterभू, is there a visarga or भूः? It is भूः स्वाहेत्यैतदुपयमनमन्तर्वेदि! Line 17: प्राचीनबिलꣳ सादयित्वा तस्मिन्नग्निहोत्रविधिं चेष्टित्वा ' सLine 18:यावन्तः प्रवर्ग्यस्य³र्त्विजस्तेषूपहवमिष्ट्वा यजमान एव प्रत्यचं भक्ष-Line 19:यति हुतꣳ हविर्मधु हविरिन्द्रतमे ऽग्नौ पिता नो ऽसि मा`

Wait, look at footnote 3: ३ प्रवर्ग्यस्य om. PHTJ., the three others read it. Line 18 has: प्रवर्ग्यस्य³र्त्विजस्तेषूपहवमिष्ट्वा -> प्रवर्ग्यस्य³ then र्त्विजस्तेषूपहवमिष्ट्वा.

Let's check the bottom text: १ Thus PJHI; तथैवांतरांजनं TF. २ संस्पृश्य all. ३ प्रवर्ग्यस्य om. PHTJ., the three others read it. 36

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