भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

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५ Wait, at the end: "शततेजा" Wait, after शततेजा: There is line number '५' on the far right. Text: "मन्त्रयत इन्द्रस्य बाहुरसि दक्षिणः सहस्रभृष्टिः शततेजा"

Line 6: इत्यथैनं बर्हिषा संस्पृश्यति¹ वायुरसि तिग्मतेजाः शतभृष्टिरसि Wait, let's check footnote 1 marker. It is a superscript 1: ¹. And the word: "संस्पृश्यति¹" Wait, look at footnote 1: "१ Thus BJT Sāy., संमृश्यति F, संस्पृशति Mādh. ; संप्सृश्यति Be." Wait, look at footnote 1 text: "१ Thus BJT Sāy., संमृश्यति F, संस्पृशति Mādh. ; संप्सृश्यति Be." Wait, does it have "संस्पृश्यति" in the main text? Yes!

Line 7: वानस्पत्यो द्विषतो वध इत्यथान्तर्वेद्युदीचीनाग्रं बर्हिर्निदधाति Wait, let's check the spelling: "उदीचीनाग्रं" or "उदीचनाग्रं"? Look at line 7: इ - त्या - न्त - र्वे