भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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/ anunasika symbol: (U+A8F3 DEVANAGARI SIGN CANDRABINDU VIRAMA / gum-kar)! Wait, let's look at line 13 again: Is it उपाꣳशुरुपाꣳशो-? Yes, TS 4.3.2: "गायत्रादुपाꣳशुरुपाꣳशोस्त्रिवृत्"! So it is definitely उपाꣳशुरुपाꣳशो-!

Line 14: स्त्रिवृत्तिवृत्तो रथंतरꣳ रथंतराद्वसिष्ठ ऋषिः प्रजापतिगृही- Wait, स्त्रिवृत्तिवृत्तो or स्त्रिवृत्त्रिवृत्तो? Let's check the letters: स् + त्रि + वृ + त् + त्रि + वृ + त् + त + ो = स्त्रिवृत्त्रिवृत्तो! Wait, look at the second 'त्र': स्त्रिवृत् then त्रिवृत्तो: Wait, does it have 'त्रि' or 'ति'? Look at line 14, start: स्त्रिवृत्तिवृत्तो - wait, the second one has a 'त' with 'ि', no diagonal stroke! Wait, TS: "उपाꣳशोस्त्रिवृत्त्रिवृतो रथन्तरम्" In line 14