भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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/दौ) ष्या (ष् + य + ा) ञ्छ (ञ + छ) ला नि त्ये त्सम दा Yes, दौष्याञ्छकलानित्येतत्समादाय! 4. संप्रच्छन्ना १५

Line 16: अम्बरीषं वोत्तपनीयं वाभिप्रव्रजन्ति । तस्मिन्दौष्याञ्छकलान्सं- Wait, तस्मिन्दौष्याञ्छकलान्सं- Line 17: प्रकीर्य बर्हिषा परिस्तीर्याज्यं विलाप्योत्पूयाञ्जलिनोपस्ती- Let's check the words: प्रकीर्य बर्हिषा परिस्तीर्याज्यं विलाप्योत्पूयाञ्जलिनोपस्ती- Wait, विलाप्योत्पूयाञ्जलिनोपस्ती- or विलाप्योत्पूयाञ्जलिनोपस्तीर्य? It ends with उपस्ती- hyphenated to the next page! Look at line 17: प्रकीर्य बर्हिषा परिस्तीर्याज्यं विलाप्योत्पूयाञ्जलिनोपस्ती-

Now let's check the footnotes: Footnote 1:

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