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बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

Baudhayana Shulbasutram with Commentary by Vibhutibhushan Bhattacharya

आचार्य बौधायन (सम्पादक: विभूतिभूषण भट्टाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished366 पृष्ठ

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चित्रम् १८ । ( १४१ सूत्रे समचतुरश्रस्योभयतः प्रउगकरणे )

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चित्रम् १६ । ( १४७ सूत्रे समचतुरश्रस्य मण्डलकरणे )

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CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri. Funding: MIDF चित्रम् २० । ( १।२-५५ सूत्रेषु गार्हपत्यादिषु । वर्तयिष्यमाणा स्थानानामवचने ।) [मानचित्र-निर्देशाः :] उ० (उत्तरम्) पू० (पूर्वम्) द० (दक्षिणम्) प० (पश्चिमम्) उत्करः अन्वा० (अन्वाहार्यपचनः) गा० (गार्हपत्यः) आ० (आहवनीयः) ६० अं० २४० अं० Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus

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चित्र ...

[चित्र-विवरणम् तथा अन्तर्गतानि चिह्नानि मापनि च :]

दिशः :

  • उपरि : उत्तरः
  • अधः : दक्षिणः
  • वामतः : प० (पश्चिमः)
  • दक्षिणतः : प्रा० (प्राची)

भुज-कर्ण-मापानि :

  • वामोर्ध्व-कर्ण/भुजौ : १२० अं०, १७२ अं० २६ ति०
  • दक्षोर्ध्व-भुजः : ११५ अं० ८ ति०
  • वामाधो-भुजः : ११५ अं० ८ ति०
  • दक्षाधो-भुजः : १७२ अं० २६ ति०

[चित्राधःस्थः पाठः :]

चित्र २१ । ( १।५७ सू. सूत्रेषु गार्हपत्यादीनां स्थानानयने प्रकारान्तरम् । ) ( अङ्कलिखने अशुद्धिरस्ति ) वस्तुतः १७२ अं० २७४/८ तिलाः ११५ अं. ६४/८ तिलाश्च भवितुमर्हति ।

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पू ५४ अंगु० ख ९६ अंगु० ख क प ८४ अंगु० चित्र २२ । ( १५९ सूत्रे दार्शिकवेदिकरणे । )

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चित्र २३ । ( १९० सूत्रे पाशुबन्धिकवेदिकरणे ।)


रेखाचित्र-विवरणम् (आकृतेरन्तर्गतानि अक्षराणि अङ्काश्च)

शिरोभागः (पूर्वभागः) : [वामकोणे] झ [मध्यभागे] ख [दक्षिणकोणे] ज [विस्तार-मानम्] ११७ अं०

मध्यरेखा (प्राची) : १८८ अं० (ऊर्ध्वाधररूपेण) [केन्द्रे] म

पार्श्वभागौ : [वामपार्श्वे] ङ [दक्षिणपार्श्वे] ञ

तलभागः (पश्चिमभागः) : [वामकोणे] च [दक्षिणकोणे] छ [विस्तार-मानम्] १५० अं० [मध्यभागे] क [तस्याधः] प० (पश्चात्)

CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri.Funding: MIDF (यह पृष्ठ मूल प्रति में रिक्त है / This page is blank in the original) Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu

पू० ख ङ छ ८६ अं० उ० १२८ अं० द० १०४ अं० च क घ प० चित्र २४ । ( १६१ सूत्रे पाशुबन्धिकवेदिकरणे )

उ०

पू० घ ख ग १५० अं० उ० ३६० अं० ३६० अं० ३६० अं० द० १५० अं० च क छ प० चित्र २५ । ( १६२ सूत्रे पाशुबन्धिकवेदिकरणे )

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ख ग ३६ अं॰ ३६ अं॰ ३६ अं॰ ३६ अं॰ क घ चित्र १६ । (१।६३ सूत्रे उत्तरवेदिकरणे)

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पू० ८६ अं० ८६ अं० द० ८६ अं० ८६ अं० प० चित्र २७ । ( १।६५-६६ सूत्रयोः पैतृकवेदिकरणे )