भारतकोश
भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

Bhaishajya Ratnavali Hindi

कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा

स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)

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विषयानुक्रमणिका । (५)

विषय.पृष्ठ.विषय.पृष्ठ.
शीतारिरस, ज्वरशूलहररस१७२तिलके तेलकी मूर्च्छाविधि२०१
षडाननरस१७३तैलादिके पकाने का समय२०२
कल्पतरुरस१७४पाकसिद्धिलक्षण
तालाङ्करल, पर्पटीरस१७५जीर्णज्वरमें पेयादि देने की अवधि
त्रैलोक्यचिन्तामणिरस१७६ज्वरमें संशोधन
महाराजवटी१७७ज्वरमें वमन, ज्वरमें विरेचन२०३
सर्वतोभद्ररस१७८ज्वरमें क्षीणहुए मनुष्यको वमन, विरेचनकी विधि
ज्वराश-अभ्रक१७९ज्वरमें शिरोविरेचन
जीवनानन्दाभ्र, चन्दनादिलोह१८०ज्वरमें शिरःपीडानिवारक लेप२०४
विषमज्वरान्तकलोह१८१दुग्धप्रकरणम् ।
बृहद्विषमज्वरान्तकलोहक्षीरपाकविधि, नावा ज्वरमें आहारादिरत्न२०५
पुटपक्व विषमज्वरान्तकलोह१८२गन्धककज्जलीविधि२०६
सर्वज्वरहरलोह१८३ज्वरवाले२०७
बृहतसर्वज्वरहरलोह१८४नक्षत्रजनितरोगफल२०८
द्वितीय बृहतसर्वज्वरहरलोह१८५ज्वरमुक्तके लक्षण२०९
बृहज्ज्वरान्तकलोह१८६ज्वरमुक्तरोगोको वर्जनीय पदार्थ
लोहासव१८८पथ्यापथ्यविधिः ।
घृतप्रकरणम् ।नवीनज्वरमें अपथ्य, मध्यज्वरमें पथ्य२१०
पिप्पल्यादिघृत१९०पुरानेज्वरमें पथ्य
क्षीरषट्पलकघृत, दशमूलषट्पलकघृत१९१ज्वरमें अपथ्य२११
वासामृत, गुडूच्यादिघृत१९२आरोग्यस्नानकाल२१२
तैलप्रकरणम् ।ज्वरातिसार-चिकित्सा ।
अंगारक तैल, बृहदङ्गारकतैल१९३ह्रीवेरादि२१३
लाक्षादितैल, महालाक्षादितैलपाठादि, नागरादि, उशीरादि२१४
षट्कडूङ्गतैल१९४शुण्ठीदशमूल, गुडूच्यादि
महाषट्कडूङ्घरतैल, बृहतपिप्पल्यादितैल१९५कालेङ्गादि, घनजलादि२१५
किरातादितैल१९६धान्यानागरापि, विल्वादि, कुटजादि
बृहत्किरातादितैल१९७पाठादि, किरातादि, विडङ्गादि२१६
ज्वरभैरवतैल१९८शुण्ठ्यादि, वत्सकादि, भूनिम्बादि
घीको मूर्च्छित करनेकी विधि१९९कणादि, पञ्चमूल्यादि, वृहत्पञ्चमूल्यादि२१७
तैलकी साधारणमूर्च्छाविधि२००धान्यशुण्ठी, विल्वपञ्चक२१८
कटुतैलकी मूर्च्छाविधि
एरण्डतैलकी मूर्च्छाविधि२०१