भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)
Bhaishajya Ratnavali Hindi
कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा
स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,416 पृष्ठ
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( १४ ) भैषज्यरत्नावली-
| विषय. | पृष्ठ. | विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|---|---|
| धुस्तूरतैल | ६९७ | ऊरुस्तम्भमें अपथ्य | ७२८ |
| कनकतैल | ६९८ | आमवातकी चिकित्सा । | |
| तम्रराजतैल | ६९९ | एरण्डादि, शठ्यादि | ७३० |
| कफरोगमें पथ्य, कफरोगमें अपथ्य | ७०० | रसॊनादि, रास्नापञ्चक, रास्नासप्तक | ७३१ |
| वातरक्तरोगकी चिकित्सा | ७०१ | रास्नादशमूलक, मध्यमरास्नादि | " |
| अमृतादि, सिंहास्यादि पटोलादि | ७०३ | महारास्नादि | ७३२ |
| मञ्जिष्ठादि, त्रिवृतादि, नवकार्षिक | ७०४ | शतपुष्पाद्यचूर्णं, हिंग्वाद्यचूर्णं | ७३३ |
| निम्बादिचूर्णं | " | अलम्बुषाद्यचूर्णं १-२ | " |
| वातरक्तान्तकरस | ७०५ | वैश्वानरचूर्णं, शंकरस्वेद | ७३४ |
| अन्य प्रकार वातरक्त चिकित्सा | ७०६ | प्रसारणीसंधान, आमवातारिवटिका | ७३५ |
| विश्वेश्वररस | " | आमवातारिरस, आमवातेश्वररस | ७३६ |
| द्वादशायस | ७०७ | वातगजेन्द्रसिंह | ७३८ |
| गुडूच्यादिलौह, पित्तान्तकलौह | ७०८ | आमप्रमाथिनी वटिका | ७३९ |
| लांगलाद्यलौह | " | आमवाताद्रिवज्ररस | " |
| योगसारामृत | ७०९ | त्रिफलादिलौह, विडङ्गादिलौह | ७४० |
| तालभस्म | ७१० | पञ्चाननरसलौह | ७४१ |
| महातालेश्वर रस, अमृतागुग्गुल... | ७११ | अजमोदादिवटक | ७४२ |
| रसाभ्रगुग्गुल | ७१२ | आमवातगजसिंह मोदक | ७४४ |
| कैशोरकगुग्गुल | ७१३ | रसोनपिण्ड | ७४५ |
| पुनर्नवा-गुग्गुल | ७१४ | महारसोनपिण्ड | ७४६ |
| गुडूचीघृत, शतावरी घृत | ७१५ | वातारिगुग्गुल | ७४७ |
| अमृता घृत | ७१६ | योगराजगुग्गुल | ७४८ |
| मध्यमगुडूचीतैल, बृहद्गुडूचीतैल | ७१७ | बृहद्योगराजगुग्गुल | ७४९ |
| महारुद्रगुडूचीतैल | ७१८ | व्याधिशार्दूलगुग्गुल | ७५० |
| महापिण्डतैल | ७१९ | बृहत्सिंहनाद-गुग्गुल | ७५१ |
| विषतिन्दुकतैल | ७२० | शुण्ठीघृत | ७५२ |
| रुद्रतैल | ७२१ | शृङ्गवेराद्यघृत, प्रसारणीतैल | ७५३ |
| महारुद्रतैल | ७२२ | सैन्धवाद्यतैल | " |
| वातरक्तमें पथ्य, वातरक्तमें अपथ्य | ७२३ | बृहत्सैन्धवाद्यतैल | ७५४ |
| ऊरुस्तम्भकी चिकित्सा | ७२४ | विजयभैरवतैल | ७५५ |
| भल्लातकादि, पिप्पल्यादि | ७२५ | महाविजय भैरवतैल, आमवात-में पथ्य | ७५६ |
| गुञ्जाभद्ररस, अष्टकटूवरतैल कुष्ठाद्यतैल | ७२६ | आमवातमें अपथ्य | ७५७ |
| महासैन्धवाद्यतैल, ऊरुस्तम्भ-में पथ्य | ७२७ |