भारतकोश
भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

Bhaishajya Ratnavali Hindi

कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा

स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)

DevanagariHindipublished1,416 पृष्ठ

पृष्ठ 23, कुल 1416 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 23

विषयानुक्रमणिका । ( १५ )

विषय.पृष्ठ.विषय.पृष्ठ.
शूलरोगकी चिकित्सा ।नारिकेलामृत७८८
वातिक-शूलचिकित्सा७५७गुडपिप्पलीघृत७८९
पैत्तिक-शूलचिकित्सा७६०पिप्पलीघृत, बीजपूराद्यघृत७९०
श्लैष्मिक-शूलचिकित्सा७६१शूलगजेन्द्रतैल, शूलरोगमें पथ्य७९१
आम-शूलचि०७६२शूलरोगमें अपथ्य७९२
वातपैत्तिक-शूलचि०उदावर्त्त, आनाहकी चिकित्सा ।
पित्तश्लैष्मिक-शूलचि०नाराचचूर्ण७९६
त्रिदोषज-शूलचि०७६३फलवर्ति, त्रिकद्वादिवर्ति७९७
परिणाम-शूलचि०नाराचरस
नारिकेलक्षार, शंखादिचूर्ण, सामुद्राद्यचूर्ण७६५वैद्यनाथवटी, बृहदिच्छाभेदीरस...७९८
शम्बूकादिगुडिका, शंखरसगुटिका७६६गुडाष्टक, शुष्कमूलाद्यघृत७९९
शूलहरणयोग७६७स्थिराद्यघृत
शूलगजकेसरी, शूलवज्रिणीवटी७६८उदावर्त्तमें पथ्य, उदावर्त्तमें अपथ्य८००
शूलान्तकरस७६९आनाहमें पथ्य और अपथ्य
त्रैगुणाख्यरस, श्रीविद्याधररस७७०गुल्मरोगकी चिकित्सा८०१
बृहद्विद्याधररस७७१वातगुल्मचिकित्सा८०३
त्रिफलालौह, शर्कराद्यलौह७७२पित्तगुल्मचि०८०४
सप्तामृतलौहकफगुल्मचि०८०५
शूलराजलौह, वैश्वानरलौह७७३द्वन्द्वजगुल्म-चि०८०६
चतुःसमलौह७७४सान्निपातिकगुल्म-चि०
धात्रीलौह७७५रक्तगुल्म-चि०८०७
बृहद्धात्रीलौह७७६हिंग्वादिचूर्ण १-२८०८
क्षीरमण्डूर, रसमण्डूर७७७वचादिचूर्ण, लवंगादिचूर्ण८०९
कोलादिमण्डूर, चतुःसममण्डूर...७७८कांकायनगुडिका८१०
भीमवटक मण्डूर, तारामंडूरगुड...७७९पञ्चाननरस, शिखिवाडवरस८११
शतावरीमण्डूर७८०नागेश्वररस, गुल्मकालानलरस८१२
बृहच्छतावरीमण्डूर १-२७८१बृहद्गुल्मकालानलरस८१३
हरीतकीखण्ड७८२महागुल्मकालानलरस
पूगखण्ड १-२७८३गुल्मशार्दूलरस, सर्वेश्वररस८१४
खण्डामलकी७८५गुल्मवज्रिणीवटिका, रसायनामृतलौह८१५
नारिकेलखण्ड७८६दन्तीहरीतकी८१६
बृहन्नारिकेलखण्ड७८७पञ्चपलघृत, भल्लातकाद्यघृत८१७