भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)
Bhaishajya Ratnavali Hindi
कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा
स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,416 पृष्ठ
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विषयानुक्रमणिका । ( १७ )
| विषय. | पृष्ठ. | विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|---|---|
| बृहद्दाडिमाद्यघृत | ... ८७४ | दस्तको बन्द करनेके उपाय, वह्निरस | ९०६ |
| महादाडिमाद्यघृत | ... ८७५ | चुलिकावटी, श्रीवैद्यनाथादेशवटिका | ९०७ |
| मेहमिहिरतैल | ... ८७६ | अभयावटी | ... ९०८ |
| प्रमेहमिहिरतैल | ... ८७७ | शोथोदरारिलौह | ... ९०९ |
| देवदार्वाद्यरिष्ट | ... ८७८ | वज्रक्षार | ... ९१० |
| चन्दनासव | ... ८७९ | विन्दुघृत, महाबिन्दुघृत, | ... ९११ |
| प्रमेहमें पथ्य | ... ८८० | नाराचघृत | ... ९१२ |
| प्रमेहमें अपथ्य | ... ८८१ | बृहन्नाराचघृत उदररोगमें पथ्य | ... ९१३ |
| उदररोगमें अपथ्य | ... ९१४ | ||
| सोमरोगकी चिकित्सा । | |||
| तारकेश्वररस | ... ८८३ | प्लीहा और यकृत्की चिकित्सा । | |
| गननादिलौह, सोमनाथरस | ... ८८४ | यमानिकादि चूर्ण | ... ९१५ |
| बृहत्सोमनाथरस | ... ८८५ | गुडूच्यादिचूर्ण, रोहितकाद्यचूर्ण | ... ९१६ |
| सोमेश्वररस | ... ८८६ | मानकादिगुटिका | ... ,, |
| बहुमूत्रान्तकरस १-२ | ... ८८७ | बृहन्मानकादिगुटिका | ... ९१७ |
| हमेनाथरस, मालतीकुसुमाकर | ... ८८८ | अर्कलवण, अभयालवण | ... ९१८ |
| वसन्तकुसुमाकररस | ... ८८९ | वर्द्धमानपिप्पली | ... ९१९ |
| कस्तूरीमोदक | ... ८९० | गुडपिप्पली | ... ९२० |
| धात्रीघृत, बृहद्धात्रीघृत | ... ८९१ | बृहद्गुडपिप्पली | ... ९२१ |
| कदल्यादिघृत | ... ८९२ | रसराज, प्लीहान्तकरस | ... ९२२ |
| वासुकिभूषणरस, विद्याधररस | ... ९२३ | ||
| मेदरोगकी चिकित्सा ८९३ | लोकनाथरस १-२ | ... ,, | |
| व्योषाद्य सक्तुप्रयोग | ... ८९५ | बृहल्लोकनाथरस, प्लीहारिरस | ... ९२५ |
| विडङ्गाद्यलौह | ... ८९६ | लौहमृत्युञ्जयरस | ... ९२६ |
| त्र्यूषणादिलौह, लौहरसायन | ... ८९७ | रोहीतकलौह, चित्रकादिलौह | ... ९२७ |
| नवकगुग्गुलु, अमृताद्यगुग्गुलु | ... ८९९ | यकृत्प्लीहारिलौह, यकृदरिलौह | ... ९२८ |
| त्रिफलाद्यतैल | ... ,, | महामृत्युञ्जयलौह | ... ९२९ |
| मेदरोगमें पथ्य | ... ९०० | सर्वेश्वरकौह | ... ९३० |
| मेदरोगमें अपथ्य | ... ९०१ | यकृत्प्लीहोदरहरलौह | ... ९३१ |
| शंखद्रावरस | ... ९३२ | ||
| उदररोगकी चिकित्सा । | शंखद्रावक, महाशंखद्रावक | ... ९३४ | |
| मानमण्ड | ९०३ | महाद्रावक १-३ | ... ९३६ |
| सामुद्राद्यचूर्ण, इच्छाभेदीरस १-३ | ९०४ | चित्रकघृत, पिप्पलीघृत | ... ९४० |
| भेदिनीवटी, नाराचरस | ... ९०५ | चित्रकपिप्पलीघृत, रोहीतकर्घृत | ... ९४१ |
| जलोदरारिरस | ... ९०६ |
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