भारतकोश
भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

Bhaishajya Ratnavali Hindi

कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा

स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)

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( २० ) भैषज्यरत्नावली-

विषय.पृष्ठ.विषय.पृष्ठ.
पञ्चतिक्तघृत१०७४अम्लपित्तान्तकमोदक११०५
पञ्चतिक्तघृतगुग्गुलु१०७५सौभाग्यशुण्ठीमोदक११०६
महाखदिरकघृत१०७६सितामण्डूर११०७
श्वेतकरवीराद्यतैल,,शुण्ठी खण्ड, पिप्पलीखण्ड११०९
कृष्णसर्पतैल, कुष्ठराक्षसतैल१०७७बृहत्पिप्पलीखण्ड१११०
कुष्ठराक्षसतैल,,जीरकाद्यघृत, शतावरीघृत११११
षड्बिन्दुतैल, उन्मत्ततैल१०७८नारायणघृत,,
मरिचाद्यतैल, बृहन्मरिचाद्यतैल१०७९अम्लपित्तरोगमें पथ्य१११२
सोमराजीतैल१०८०अम्लपित्तरोगमें अपथ्य,,
बृहत्सोमराजीतैल१०८१विसर्पकी चिकित्सा ।
विषतैल, श्वित्रपञ्चाननतैल१०८२अमृतादि१११३
आरग्वधाद्यतैल, वासाऽमृतैल१०८३नवकषाय गुग्गुलु, कालानिलरुद्ररस१११४
कन्दर्पसारतैल१०८४वृषाद्यघृत करञ्जतैल१११५
खदिरारिष्ट१०८६विसर्परोगमें पथ्य, विसर्परोगमें अपथ्य,,
कुष्ठरोगमें पथ्य१०८७विस्फोट-चिकित्सा१११६
कुष्ठरोगमें अपथ्य१०८८व्रणारिगुग्गुलु, पञ्चतिक्तकघृत१११७
शीतपित्त उदर्द और कोठरोगकी चिकित्सा१०८९विस्फोटरोगमें पथ्य,,
हरिद्राखण्ड१०९०विस्फोटरोगमें अपथ्य१११८
बृहद्धरिद्राखण्ड१०९१मसूरिकाकी चिकित्सा ।
शीतपित्तोदर्दकोठरोगोंमें पथ्य,,पटोलादि, अमृतादि११२३
शीतपित्त, उदर्द और कोठरोगोंमें अपथ्य१०९२इन्दुकलावटिका,,
अम्लपित्तकी चिकित्सा ।मसूरिकारोगमें पथ्य,,
दशांग, पञ्चनिम्बादिचूर्ण१०९५मसूरिकारोगमें अपथ्य११२४
अविपत्तिकरचूर्ण, लीलाविलास१०९६क्षुद्ररोगोंकी चिकित्सा ।
अम्लपित्तान्तकरस, भास्करामृताभ्र१०९७अजगल्लिका-चिकित्सा११२५
सर्वतोभद्रलौह१०९८अनुशयी विवृतेन्द्रविद्धादि रोगोंकी चिकित्सा,,
पानीयभक्तवटिका१०९९विदारिका पनसिकादि क्षुद्ररोगोंकी चिकित्सा११२६
पञ्चाननगुटिका११००पाषाणगर्दभकी चिकित्सा,,
लघुक्षुधावतीगुटिका १--२११०१वल्मीकरोगकी चिकित्सा,,
बृहत्क्षुधावतीगुटिका११०३
खण्डकूष्माण्डकावलेह११०५
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