भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)
Bhaishajya Ratnavali Hindi
कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा
स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,416 पृष्ठ
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विषयानुक्रमणिका । ( १३ )
| विषय. | पृष्ठ. | विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|---|---|
| व्रणशोथकी चिकित्सा | १००३ | करवीराद्यतैल, निशाद्यतैल | १०३३ |
| त्रिफला-गुग्गुलु, तिलाष्टक | १००७ | सैन्धवाद्यतैल, भगन्दररोगमें पथ्य | ,, |
| सप्ताङ्ग-गुग्गुलु | १००८ | भगन्दररोगमें अपथ्य | १०३४ |
| जात्याद्यघृत और तैल | ,, | उपदंशकी चिकित्सा । | |
| बृहज्जात्याद्यतैल | १००९ | धूप, धूम | १०३६ |
| गौराद्यघृत और तैल | ,, | लेप | १०३७ |
| विपरीतभल्लतैल | १०१० | भैरवरस | १०३८ |
| व्रणराक्षसतैल बृहद्व्रणराक्षसतैल | १०११ | रसगुग्गुलु | १०४० |
| विडङ्गारिष्ट | १०१२ | सारिवाद्यवलेह | १०४१ |
| व्रणरोगमें पथ्य | १०१३ | रसशेखर | १०४२ |
| व्रणरोगमें अपथ्य | १०१४ | करञ्जाद्यघृत, भूनिम्बाद्यघृत | १०४३ |
| सद्योव्रणकी चिकित्सा | १०१५ | अनन्ताद्यघृत, आगारधूमाद्यतैल | १०४४ |
| अग्निदग्धव्रणकी चिकित्सा | ,, | उपदंशरोगमें पथ्य | ,, |
| जीरकघृत, पाटलीतैल | १०१७ | उपदंशरोगमें अपथ्य | १०४५ |
| मंजिष्ठाद्यतैल | ,, | शूकदोषकी चिकित्सा । | |
| भग्नकी चिकित्सा | १०१८ | दार्बीतैल, शूकदोषमें पथ्य | १०४७ |
| लाक्षागुग्गुलु, आभागुग्गुलु | १०२० | शूकदोषमें अपथ्य | १०४८ |
| गन्धतैल | ,, | कुष्ठरोगकी चिकित्सा । | |
| भग्नरोगमें पथ्य, भग्नरोगमें अपथ्य | १०२२ | आरग्वधादि, लघुमञ्जिष्ठादि | १०५६ |
| नाडीव्रणकी चिकित्सा | १०२३ | मध्यममञ्जिष्ठादि, बृहन्मञ्जिष्ठादि... | १०५७ |
| गुणवतीवर्त्ति | १०२५ | पञ्चनिम्ब १-२ | १०५८ |
| सप्तांगगुग्गुलु, श्यामाघृत | १०२६ | श्वेतारि, तालकेश्वररस | १०६० |
| स्वर्जिकाद्यतैल, कुम्भीकाद्यतैल | ,, | तालकेश्वर | १०६१ |
| भल्लातकाद्यतैल, निर्गुण्डीतैल | १०२७ | महातालकेश्वर | १०६२ |
| हंसपदीतैल, नरास्थितैल | ,, | उदयभास्कर, अमृतांकुरलौह | १०६३ |
| भगन्दरकी चिकित्सा | १०२८ | पाकलक्षण, रसमाणिक्य | १०६५ |
| नारायणरस | १०२९ | अमृतभल्लातक | १०६६ |
| चित्रविभाण्डक रस, ताम्रप्रयोग... | १०३० | महाभल्लातकगुड | १०६८ |
| नवकार्षिक गुग्गुलु | १०३१ | अमृतागुग्गुलु | १०७० |
| सप्तविंशतिकगुग्गुलु | ,, | वज्रकघृत | १०७१ |
| विष्यन्दनतैल | १०३२ | तिक्तकघृत, महातिक्तकघृत | १०७२ |
| सोमराजीघृत | १०७३ |