भारतकोश
भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

Bhaishajya Ratnavali Hindi

कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा

स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)

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( २४ ) भैषज्यरत्नावली-विषयानुक्रमणिका ।

विषय.पृष्ठ.विषय.पृष्ठ.
नरसिंह चूर्ण... १३३६स्वल्पचन्द्रोदयमकरध्वज... १३०७
कामदीपक... १३३८बृहच्चन्द्रोदयमकरध्वज... १३५१
कामधेनु... ”खण्डाभ्रक... १३५२
हरशशांक... ”गुडकूष्माण्ड... १३५४
लक्ष्मणालौह... १३३९कामेश्वरमोदक... १३५५
सिद्धशाल्मलीकल्प... ”अन्य कामेश्वरमोदक... १३५६
पञ्चशर... १३४०रतिवल्लभमोदक... १३५७
कामिनीमदभञ्जन... ”कामाग्निसन्दीपनमोदक... १३५९
कामिनीदर्पघ्न... १३४१बृहच्छतावरीमोदक... १३६०
पुष्पधन्वा... ”महाकामेश्वरमोदक... १३६२
पूर्णचन्द्ररस... ”श्रीमदनानन्दमोदक... १३६४
अनङ्गकुसुमाकर... १३४२अभिमन्त्रणमन्त्र... १३६६
हेमसुन्दररस... ”मृत्युसञ्जीवनी सुरा... १३६७
अनङ्गसुन्दररस... १३४३दशमूलारिष्ट... १३६९
गन्धामृतरस... ”गोधूमाद्यघृत... १३७१
सिद्धसूत... ”बृहदश्वगन्धाद्यघृत... १३७२
मकरध्वजवटी... ”अमृतप्राशघृत... १३७३
श्रीमन्मन्मथरस... १३४५बृहच्छागलाद्यघृत... १३७५
श्रीकामदेवरस... १३४६भल्लातकाद्यतैल... १३७८
मकरध्वजरस... १३४७अश्वगन्धातैल... ”
महेश्वररस... १३४९वीर्यस्तम्भनाधिकारः
स्वर्णसिन्दूर... १३५०

इति विषयानुक्रमणिका समाप्ता ।