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भक्तिरसामृतसिन्धु (श्रील रूप गोस्वामी - भक्ति रस शास्त्र सटीक)

भक्तिरसामृतसिन्धु (श्रील रूप गोस्वामी - भक्ति रस शास्त्र सटीक)

Bhakti-Rasamrita-Sindhu with Hindi Commentary

श्रील रूप गोस्वामी / भक्तिवेदान्त व्याख्या द्वारा

DevanagariHindipublished380 पृष्ठ

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भूमिका [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] [अस्पष्ट / अत्यंत क्षीण पाठ] ॥ [अस्पष्ट श्लोक पाद / पाठ] ॥ ॥ [अस्पष्ट श्लोक पाद / पाठ] ॥ ॥ [अस्पष्ट श्लोक पाद / पाठ] ॥