भामती (वाचस्पति मिश्र - ब्रह्मसूत्र शाङ्करभाष्य चतुःसूत्री हिन्दी व्याख्या)

भामती (वाचस्पति मिश्र - ब्रह्मसूत्र शाङ्करभाष्य चतुःसूत्री हिन्दी व्याख्या)
Bhamati of Vachaspati Mishra Hindi
वाचस्पति मिश्र (व्याख्याकार: स्वामी योगेन्द्रानन्द) द्वारा
स्रोत: Brahma Sutra Shankara Bhashya with Vachaspati Mishra Bhamati and Hindi Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished639 पृष्ठ
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| १९ | ब्रह्मसूत्रशाङ्करभाष्यम् |
|---|
| १०४. | देवविग्रहादेः शब्दव्यङ्ग्यत्वम् | ३९० |
| १०५. | स्फोटवादनिरासः | ४०१ |
| १०६. | वेदानाम्नादित्वम् | ४०६ |
| १०७. | जैमिनिमतविरोधः | ४११ |
| १०८. | वादरायणमतेन तस्य निरासः | ४१७ |
| १०९. | अर्थबादानामुपयोगः | ४१९ |
| ११०. | अपशूद्राधिकरणम्— | ४२८ |
| १११. | ब्रह्मविद्यायां शूद्रानधिकारः | ४३१ |
| ११२. | कम्पनाधिकरणम्— | ४४० |
| ११३. | जगदेजयितुप्राणो ब्राह्मौ | ४४१ |
| ११४. | ज्योतिरधिकरणम्— | ४४३ |
| ११५. | ज्योतिशब्दं ब्रह्म | ४४४ |
| ११६. | अर्थान्तरत्वव्यपदेशाधिकरणम्— | ४४७ |
| ११७. | नामादिधारकमाकाशं ब्रह्मैव | ४४८ |
| ११८. | सुषुप्त्युत्क्रान्त्यधिकरणम् — | ४४९ |
| ११९. | विज्ञानमयशब्दं ब्रह्म | ४५० |
(४) चतुर्थ पादे—
| १२०. | आनुमानिकाधिकरणम्— | ४५४ |
| १२१. | अव्यक्तपदं शरीरम् | ४५६ |
| १२२. | अव्यक्तपदं न प्रधानपरम् | ४६६ |
| १२३. | चमसाधिकरणम्— | ४७६ |
| १२४. | अजापदं न प्रधानपरम् | ४७७ |
| १२५. | अजापदं भूतप्रकृतिपरम् | ४७७ |
| १२६. | संख्योपसंग्रहाधिकरणम् | ४८० |
| १२७. | पञ्चजनशब्दः प्राणादिपरः | ४८१ |
| २२८. | कारणत्वाधिकरणम्— | ४९१ |
| १२६. | सृष्टिक्रमविवादेऽपि स्रष्टर्यविवादः | ४९३ |
| १३०. | बालाक्यधिकरणम्— | ४९८ |
| १३१. | पुरुषाणां कर्त्ता ब्रह्मैव | ५०१ |
| १३२. | जैमिनिमतम् | ५०५ |
| १३३. | वाक्यान्वयाधिकरणम्— | ५०७ |
| १३४. | द्रष्टव्यत्वादिरूपेण ब्रह्मण एव निर्देशः | ५०७ |
| १३५. | प्रकृत्यधिकरणम्— | ५२४ |
| १३६. | अभिन्ननिमित्तोपादानं ब्रह्म | ५२५ |
| १३७. | सर्वव्याख्यानाधिकरणम् | २३० |
| १३८. | परमाण्वादिकारणवादनिरासः | ५३१ |