भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपरिशिष्ट २ अकारादि-क्रमानुसार निघण्टुभाग-स्थित द्रव्यों के व्यवहारोपयोगी अङ्ग तथा उनकी मात्राएँ द्रव्य अङ्ग मात्रा अंकोट छाल १/२ माशे अधःपुष्पी पत्ते, बीज २-३ अकरकरा जड़ ३ माशे अखरोट फल की गूदी १-२ तोले अगर लकड़ी ६ रत्ती से ३ माशे अगस्त छाल, फूल ३ से ६ माशे छाल अजमोदा बीज २ से ८ माशे अडूसा जड़ की छाल, पत्ते १ से ४ माशे अतीस जड़ ६ रत्ती से १ ॥ माशे अदरक कन्द-स्वरस २ माशे से १ तोले अनन्तमूल जड़ ३ माशे से १ तोले अनार दाना, छिलका ६ माशे से १ ॥ तोले अपराजिता जड़-बीज ३ ॥ से ५ रत्ती अफीम फल-रस १/४ से १ रत्ती अभरक भस्म १ से ३ रत्ती अमरबेल लता ६ माशे से १ तोले अमरूद फल-पत्ते-छाल ६ माशे से २ तोले अमलतास फल की गूदी १-२ तोले अमलबेत गूदी १ से ३ माशे अरनी छाल ६ माशे से २ तोले अर्जुन छाल ६ माशे से १ ॥ तोले अशोक छाल १ तोले से ३ तोले अष्टवर्ग कन्द ६ माशे से १ तोले असगन्ध जड़ ३ माशे से १ तोले आक जड़ की छाल, फूल १-३ माशे आम फल, छाल ६ माशे से १ तोले CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA