भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें११०६ भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे तेजबल छाल ३ से ६ माशे त्रायमाण पञ्चांग २ से ६ माशे त्रिफला फल के चिलके ३ माशे से १ तोले थूहर दूध २ से ६ रत्ती दंती जड़ १ से ३ माशे दवना पञ्चाङ्ग ३ से ७ माशे दशमूल छाल, जड़, पञ्चांग २-२ ।। तोले दारुहल्दी जड़, जड़ की १-३ माशे छाल, लकड़ी दालचीनी छाल १-६ माशे दुद्धी पञ्चाङ्ग ३ माशे-१ तोला दूब पञ्चाङ्ग २ से ६ माशे देवदारु लकड़ी १-४ माशे देवदाली (बन्दाल) फल १-३ मा. धतूरा शुद्ध बीज १/२ से २ रत्ती धनियाँ बीज ६ माशे-१ तोला धातकी फूल २-३ माशे नकछिकनी पञ्चाङ्ग १-३ रत्ती नकुलकन्द जड़ १-३ माशे नवसादर पिंड चूर्ण ४-६ रत्ती नागकेसर फूल की केसर १-२ माशे नागदवन पञ्चाङ्ग २-६ माशे नागरमोथा जड़ २-६ माशे नारियल गिरी १-१ ।। तोले निर्गुण्डी पत्ते, बीज ३-६ माशे (सम्भालु) निर्मली बीज ३-६ माशे निसोत (त्रिवृत्) जड़ ३-५ माशे नीम छाल, पत्ते, ३ माशे-१ तोला फूल, फल नील पञ्चाङ्ग २-४ माशे पाठानीलोध छाल १-३ माशे पतंग लकड़ी १-४ माशे पद्माक ककड़ी १-३ माशे पाङ्गा नमक नमक १-३ माशे