भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपरिशिष्ट २ ११०७ पाकर छाल ९ माशे-१॥ तोला पाठा जड़ ६-९ माशे पाढ़र छाल १/२-१॥ तोले पातालगरुड़ी जड़ ६-९ माशे पान पत्ते-स्वरस ३-६ माशे पारा शुद्ध भस्म १/२ रत्ती से २ रत्ती पाषाणभेद जड़ १-३ माशे पिठवन जड़, पंचांग ६ माशे १॥ तोले पित्तपापड़ा पञ्चाङ्ग ६-९ माशे पीतचन्दन लकड़ी २-३ माशे पीतल शुद्ध भस्म १-२ रत्ती पीपल फली १-३ माशे पीपलामूल जड़ ३-४ माशे पुनर्नवा जड़ ६ माशे-१॥ तोले पुष्करमूल जड़ २-४ माशे पेठा फल १-२ तोले बीज १/२ से १ तोला पोस्त डोड-छिलका ३-६ माशे पोस्तदाना बीज ६ माशे-१ तोले प्रियङ्गु पञ्चाङ्ग-फल ३-६ माशे फिटकरी पिंड-शुद्ध १/२-१ माशा फिरोजा पत्थर-भस्म १-३ रत्ती वंशलोचन श्वेतपिंड चूर्ण ३-६ माशे वकायन छाल ६ माशे-१ तोले बच जड़ १-३ माशे बड़ छाल, दूध ६-९ माशे बथुआ बीज ३-५ माशे बनभंटा पञ्चाङ्ग, जड़ ३-६ माशे (बृहती) बनमूँग पञ्चाङ्ग ६ माशे से १ तोला बबूर छाल-पत्ते, फली ३-९ माशे बरियार जड़-बीज ४-१० माशे बरुन छाल पत्ते ४-माशे से १ तोला बर्बरी पञ्चाङ्ग, बीज ३-६ माशे