भारतकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,167 पृष्ठ

पृष्ठ 36, कुल 1167 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 36

भावप्रकाशनिघण्टु विषय-सूची ३१ हरिणियों के दूध के गुण ९०९ भैंस के दुग्ध से बने मक्खन के गुण ९२१ भेड़ी के दूध के गुण ९०९ दुग्ध से बने मक्खन के गुण ९२१ घोड़ी, ऊंटनी तथा हथिनी के दुग्ध के गुण ९०९ ताजा मक्खन के गुण ९२१ स्त्री दुग्ध के गुण ९०९ पुराने मक्खन के गुण ९२१ गाय का धारोष्णादि दूध के गुण ९१० घृतवर्गः पीयूष, किलाट, क्षीरशाक तक्रपिंड तथा मोरट घृत के नाम तथा गुण ९२२ के लक्षण तथा गुण ९१० गौ, महिष तथा बकरी के घृत के गुण ९२२ मलाई के गुण ९११ ऊँटनी के घृत के गुण ९२३ मीठा मिश्रित दूध के गुण ९११ भेड़ी के घृत के गुण ९२३ प्रातः-सायं दुग्धपान के गुण ९११ स्त्री-दुग्ध से घृत के गुण ९२३ समय विशेष में दुग्धपान का विशेष गुण ९१२ घोड़ी के घृत के गुण ९२३ मथित दुग्ध के गुण ९१२ दूध से निकाले हुए घृत के गुण ९२३ दुग्ध-फेन के गुण ९१२ पुराने व नवीन घृत के गुण ९२४ निन्दित दुग्ध के लक्षण ९१३ घृत प्रयोग करने के विषय ९२४ दधिवर्गः मूत्रवर्गः दही के गुण तथा भेद ९१४ गोमूत्र के गुण ९२५ मन्द दही के लक्षण तथा गुण ९१४ मनुष्य के मूत्र का गुण ९२५ गाय, भैंस तथा बकरी के दही के गुण ९१५ मूत्र की सामान्य परिभाषा ९२५ मखनिया दही के गुण ९१५ तैलवर्गः गालित दही के गुण ९१५ तैल का लक्षण और गुण ९२६ चीनी आदि मिश्रित दही के गुण ९१६ तिल-तैल का गुण ९२६ रात्रि में दही खाने का निषेध ९१६ घृत तथा तैल की परिभाषा ९२७ ऋतु विशेष में दही खाने के विधि तथा निषेध ९१६ सरसों तथा राई के तैल के गुण ९२७ बिना विधि के दही सेवन का निषेध ९१६ तुवरी तथा अलसी के तैल के गुण ९२७ साढ़ी तथा मस्तु (दही) के लक्षण और गुण ९१७ अलसी कुसुम के तैल के गुण ९२८ तक्रवर्गः पोस्ता तथा रेड़ी के तैल के गुण ९२८ तक्र के नाम, विधि तथा गुण ९१८ राल के तैल के गुण ९२९ वृत निकाले हुए तक्र के गुण ९१८ सभी प्रकार के गुण ९२९ रोगादि भेद से तक्र भेद का विधान तथा कच्चे- सन्धानवर्गः पके तक्र के गुण ९१९ कांजी के लक्षण तथा गुण ९३० रोगादि भेद से तक्र सेवन का विधि-निषेध ९१९ कांजी सेवन के अयोग्य मनुष्य ९३० गवादि के दही से बने तक्र के गुण ९२० तुषोदक के लक्षण तथा गुण ९३० नवनीत वर्गः सौवीर के लक्षण तथा गुण ९३१ मक्खन के नाम तथा गोदुग्ध से बने मक्खन आरनाल के लक्षण तथा गुण ९३१ के गुण ९२१