भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
पृष्ठ 160, कुल 638 में से
संदर्भ में पढ़ें१६८ २- 'मिथुन' लग्न वालों की गोचरकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'चन्द्रमा' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस दिन 'चन्द्रमा'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ३४६ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ३४७ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ३४८ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ३४९ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ३५० (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ३५१ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ३५२ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ३५३ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ३५४ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ३५५ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ३५६ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ३५७ 'मिथुन' लग्न में 'मंगल' का फलादेश १. 'मिथुन' लग्न वालों की अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित मंगल का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ३५८ से ३६९ के बीच देखना चाहिए। २. 'मिथुन' लग्न वालों की गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित मंगल का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'मंगल'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ३५८ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ३५९ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ३६० (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ३६१ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ३६२ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ३६३ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ३६४ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ३६५ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ३६६ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ३६७ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ३६८ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ३६९