भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 163, कुल 638 में से

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१७१ का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'शनि'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ४०६ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ४०७ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ४०८ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ४०६ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ४१० (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ४११ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ४१२ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर ही तो संख्या ४१३ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ४१४ (ञ) 'मकर' राशि पर ही तो संख्या ४१५ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ४१६ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ४१७ 'मिथुन' लग्न में 'राहु' का फलादेश १- 'मिथुन' लग्न वालों की अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ४१८ से ४२६ के बीच देखना चाहिए। २. 'मिथुन' लग्न वालों की गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'राहु'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ४१८ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ४१९ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ४२० (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ४२१ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ४२२ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ४२३ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ४२४ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ४२५ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ४२६ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ४२७ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ४२८ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ४२६

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