भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४२४ 'धनु' लग्न में 'बुध' का फलादेश १. 'धनु' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'बुध' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १०२४ से १०३५ के बीच देखना चाहिए। २. 'धनु' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'बुध' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'बुध'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १०२४ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १०२५ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १०२६ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १०२७ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १०२८ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १०२९ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १०३० (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १०३१ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १०३२ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १०३३ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १०३४ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १०३५ 'धनु' लग्न में 'गुरु' का फलादेश १. 'धनु' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'गुरु' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १०३६ से १०४७ के बीच देखना चाहिए। २. 'धनु' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'गुरु' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'बुध'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १०३६ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १०३७ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १०३८ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १०३९ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १०४०