भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 456, कुल 638 में से

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४६५ का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'चन्द्रमा'— (क) 'मेष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११०९ (ख) 'वृष' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११० (ग) 'मिथुन' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११११ (घ) 'कर्क' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११२ (ङ) 'सिंह' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११३ (च) 'कन्या' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११४ (छ) 'तुला' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११५ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११६ (झ) 'धनु' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११७ (ञ) 'मकर' राशि पर स्थित हो तो संख्या १११८ (ट) 'कुम्भ' राशि पर स्थित तो हो संख्या १११६ (ठ) 'मीन' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२० 'मकर' लग्न में 'मंगल' का फलादेश १—'मगल' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मङ्गल' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ११२१ से ११३२ के बीच देखना चाहिए। २—'मंगल' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मङ्गल' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'मङ्गल'— (क) 'मेष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२१ (ख) 'वृष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२२ (ग) 'मिथुन' राशि पर स्थित हो यो संख्या ११२३ (घ) 'कर्क' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२४ (ङ) 'सिंह' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२५ (च) 'कन्या' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२६ (छ) 'तुला' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२७ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२८ (झ) 'धनु' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११२६ (ञ) 'मकर' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११३० (ट) 'कुम्भ' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११३१ (ठ) 'मीन' राशि पर स्थित हो तो संख्या ११३२

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