भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 542, कुल 638 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 542

५५१ 'मीन' लग्न में 'बुध' का फलादेश १—'मीन' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'बुध' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १३५१ से १३६२ के बीच देखना चाहिए। २—'मीन' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'बुध'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १३५१ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १३५२ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १३५३ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १३५४ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १३५५ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १३५६ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १३५७ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १३५८ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १३५६ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १३६० (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १३६१ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १३६२ 'मीन' लग्न में 'गुरु' का फलादेश १—'मीन' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'गुरु' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १३६३ से १३७४ के बीच देखना चाहिए। २—'मीन' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'गुरु' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'गुरु'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १३६३ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १३६४ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १३६५ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १३६६ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १३६७