भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

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५५२ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १३६८ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १३६६ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १३७० (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १३७१ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १३७२ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १३७३ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १३७४ 'मीन' लग्न में 'शुक्र' का फलादेश १—'मीन' लग्न वालों की अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शुक्र' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १३७५ से १३८६ के बीच देखना चाहिए। २—'मीन' लग्न वालों की गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शुक्र' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'शुक्र'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १३७५ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १३७६ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १३७७ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १३७८ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १३७६ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १३८० (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १३८१ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १३८२ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १३८३ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १३८४ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १३८५ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १३८६ 'मीन' लग्न में 'शनि' का फलादेश १. 'मीन' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शनि' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १३८७ से १३९८ के बीच देखना चाहिए। २. 'मीन' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शनि'