भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

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६६ 'तुला' लग्न की कुण्डली 'वृश्चिक' लग्न की कुण्डली 'धनु' लग्न की कुण्डली 'मकर' लग्न की कुण्डली 'कुम्भ' लग्न की कुण्डली 'मीन' लग्न की कुण्डली विभिन्न राशियों की कुण्डली के स्वरूप को नीचे प्रदर्शित उदाहरण कुण्डलियों के आधार पर समझ लेना चाहिए। ये सभी कुण्डलियां मेष लग्न की हैं, परन्तु इनमें 'चन्द्रमा' की स्थिति को अलग-अलग भावों में दिखाया गया है। जिस कुण्डली के जिस भाव में चन्द्रमा बैठा है उस भाव में स्थित राशि ही जातक की जन्मकालीन 'राशि' मानी जायेगी। इन कुण्डलियों के आधार पर अन्य लग्न वाली कुण्डलियों से भी राशि का निश्चय किया जा सकता है।