भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें६८ आगे १२ उदाहरण कुण्डलियों के माध्यम से यह बताया गया है कि विभिन्न लग्नों की कुंडलियों का स्वरूप कैसा होता है। कुण्डली में कौन-सा ग्रह कहाँ बैठेगा, इसका निर्णय जातक के जन्म के समय तथा उस समय भचक्र में विभिन्न ग्रहों की स्थिति के अनुसार पञ्चांग के आधार पर किया जाता है। इस विषय के सम्यक्-ज्ञान के लिए या तो किसी ज्योतिषी से सम्पर्क करना चाहिए अथवा हमारी लिखी पुस्तक 'ज्योतिष शास्त्र' का अध्ययन करना चाहिए। 'मेष' लग्न की कुण्डली 'वृष' लग्न की कुण्डली [चित्र: मेष लग्न कुण्डली] [चित्र: वृष लग्न कुण्डली] 'मिथुन' लग्न की कुण्डली 'कर्क' लग्न की कुण्डली [चित्र: मिथुन लग्न कुण्डली] [चित्र: कर्क लग्न कुण्डली] 'सिंह' लग्न की कुण्डली 'कन्या' लग्न की कुण्डली [चित्र: सिंह लग्न कुण्डली] [चित्र: कन्या लग्न कुण्डली]