भारतकोश
बीजगणितम् (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय समीकरण एवं बीजगणित सूत्र सटीक)

बीजगणितम् (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय समीकरण एवं बीजगणित सूत्र सटीक)

Bijaganitam of Bhaskaracharya II with Hindi Commentary

भास्कराचार्य द्वितीय द्वारा

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। राश्योर्योगस्त्रिसहितः याव १ या ४? Wait, look at line 11: याव १ या २ रू १̇, या २ रू २ । राश्योर्योगस्त्रिसहितः याव १ या ४Wait, why would it be याव १ या ४? Ah, look at line 12:रू ४ ।-> wait, look at the number after रू in line 12: It is! Wait, look at रू ४ ।: Compare with रू ४ in line 13 (रू ४ । द्वितीयराशिवर्गः). The glyph in line 12 is रू ४ ।! Wait, then look at line 11 end: याव १ या ४! Yes! याव १ या ४ रू ४`! And (y + 2)^2 = y^2 + 4y + 4! So योगस्त्रिसहितः = याव १ या ४ रू ४! Its root is y + 2! Andन्तरं त्रिसहितम्: (याव १ या २ रू १̇) - (या २ रू २) + 3 = याव १ या २̇ रू १! Its root is (y - 1)! Which matches वियोगमूल = ya 1 ru 1̇! AND their sum + 3: (याव १ या २ रू १̇) + (या २ रू