बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)
Bisaldev Raso of Narapati Nalha on Ajmer Chauhans
नरपति नाल्ह द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंसूचीपत्र अध्याय पृ० सं० भूमिका ... .. ... १-१०० १. प्राप्त हस्तलिखित प्रतियों का परिचय ... १-१६ (क) सत्ताइस हस्तलिखित प्रतियो का पूर्ण परिचय । (ख) प्रतियों के रूपान्तरों का विवरण । (ग) रूपान्तरों में कथावस्तु का पार्थक्य । २ ग्रंथ की रचना-तिथि ... .. .. १६-५६ अन्त साक्ष्य, भाषा एव ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर रचना तिथि का विवेचन । ३. काव्यगत कथा एवं काव्य का रचयिता ... ५६-७१ (क) प्रतियों के रूपान्तरों के अनुसार काव्य में वर्णित कथा का सार । (ख) कवि का जीवन-चरित्र । (ग) कवि की जाति का निर्णय । ४. काव्य-सौष्ठव .. .. ७१-८५ (क) ऋतु-वर्णन । (ख) चरित्र चित्रण । (ग) रस । (घ) अलंकार । (ङ) छंद । ५. भाषा .. ... ८५-१०० (क) सम्पादित प्रति की भाषा । (ख) व्याकरण । ६ ग्रंथ का सम्पादन ... ... .. १-६६ आज तक की प्राप्त प्रतियों में से सबसे प्राचीन प्रति के आधार पर सम्पादन । ७. परिशिष्ट 'क' .. ... .. १०३-१६५ ग्रन्थ में आये हुए विभिन्न नगरों का ऐतिहासिक, भौगोलिक तथा पौराणिक दृष्टि से विवेचन । ८ परिशिष्ट 'ख' .. ... १६६-२०० ग्रन्थ में आई हुई विभिन्न जातियों का परिचय । ६. परिशिष्ट 'ग' .... .. ... २०१-२०५ सहायक ग्रन्थो की सूची २०६-२१३ *