संक्षिप्त ब्रह्मपुराण

संक्षिप्त ब्रह्मपुराण
Brahma Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
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| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| ८६- पुष्पकविमानसहित भगवान् श्रीरामका गौतमीके तटपर उतरना | २४४ | ११५-अक्रूरका यमुना-जलमें भगवद्दर्शन और स्तवन | ३११ |
| ८७- शुभ्रगिरिपर शाकल्यमुनिकी तपस्या | २५० | ११६-मालीपर भगवान्की कृपा | ३१३ |
| ८८- परशु राक्षसका शाकल्यमुनिको श्रीहरिके रूपमें देखना | २५२ | ११७-कंस और उसके भाईका वध | ३१६ |
| ८९- राजा पवमानका चिच्चिक पक्षीसे दो मुँह होनेका कारण पूछना | २५३ | ११८-श्रीकृष्णके द्वारा राजा उग्रसेनका सम्मान ..... | ३१८ |
| ९०- विष्टि और विश्वरूपका विवाह | २५६ | ११९-कालयवनका वध | ३२० |
| ९१- राक्षसीका आसन्दिवको गङ्गातटपर संध्योपासनके लिये भेजना | २५८ | १२०-रुक्मिणी-हरण | ३२३ |
| ९२- भगवान् विष्णुके द्वारा आसन्दिव और उनकी पत्नीकी रक्षा | २५९ | १२१-भगवान्का भौमासुरके नगरसे गरुड़द्वारा सत्यभामासहित स्वर्गगमन ...... | ३२७ |
| ९३- विभीषणके पुत्रका मणिकुण्डलकी सहायताके लिये पितासे कहना ...... | २६२ | १२२-सत्यभामाका श्रीकृष्णसे पारिजात ले चलनेके लिये अनुरोध | ३२८ |
| ९४- गोदावरीकी सात धाराओंका समुद्रमें संगम. | २६४ | १२३-देवराज इन्द्रकी पराजय ...... | ३३० |
| ९५- देवता आदिके द्वारा भगवान् शिव और विष्णुकी स्तुति | २६६ | १२४-भगवान् शिवके अनुरोधसे श्रीकृष्णका बाणासुरको अभयदान | ३३४ |
| ९६- प्रम्लोचा और कण्डुमुनि | २७५ | १२५-पौण्ड्रकका वध ...... | ३३६ |
| ९७- कण्डुमुनिके द्वारा ब्रह्मपारस्तोत्रका जप ...... | २७७ | १२६-बलरामजीके भयसे कौरवोंका साम्ब और लक्ष्मणाको उनकी सेवामें उपस्थित करना.. | ३३७ |
| ९८- भगवान् विष्णुका कण्डुमुनिको प्रत्यक्ष दर्शन देना | २७८ | १२७-मुनियोंका यदुकुलको शाप | ३३९ |
| ९९-पृथ्वीका देवताओंसे अपना दुःख निवेदन.... | २८४ | १२८-श्रीकृष्णका दारुकको द्वारका जानेका आदेश देना | ३४१ |
| १००-कंसके कारागारमें भगवान्का अवतार | २८७ | १२९-अर्जुनके साथ श्रीकृष्णके परिवारका इन्द्रप्रस्थकी ओर प्रस्थान | ३४२ |
| १०१-कंसका वसुदेव-देवकीके पास अपने कृत्यपर खेद प्रकट करना | २८८ | १३०-हिरण्यकशिपुका वध | ३४६ |
| १०२-शकट-भञ्जन | २९० | १३१-भगवान् परशुराम | ३४८ |
| १०३-वत्सचारण-लीला | २९१ | १३२-भगवान् श्रीकृष्ण | ३५० |
| १०४-कालिय नागके बन्धनमें श्रीकृष्ण | २९३ | १३३-भयानक यमदूत | ३५२ |
| १०५-कालिय नागके फणोंपर भगवान्का नृत्य.... | २९४ | १३४-महिषारूढ यमराज | ३५७ |
| १०६-बलरामद्वारा प्रलम्बासूरका वध | २९७ | १३५-यमदूतोंद्वारा पापियोंकी यातना | ३५८ |
| १०७-गिरिराजरूपमें पूजा-ग्रहण | २९८ | १३६-असिपत्रवनमें दारुण यन्त्रणा | ३५९ |
| १०८-गोवर्धन-धारण | २९९ | १३७-उग्रगन्ध नरकका भयंकर दृश्य | ३६१ |
| १०९-गोविन्दका अभिषेक | ३०० | १३८-पुण्यात्माकी विमानद्वारा गति | ३६२ |
| ११०-वृन्दावनमें रासके लिये गोपियोंका आगमन. | ३०२ | १३९-विमानारूढ पुण्यात्मा जीव ...... | ३६२ |
| १११-अरिष्टासुरका वध | ३०४ | १४०-मासोपवास करनेवाले पुण्यात्माओंकी गति.. | ३६३ |
| ११२-केशीका वध | ३०५ | १४१-शिव-पार्वती-संवाद | ३८८ |
| ११३-अक्रूरका व्रजमें आगमन ...... | ३०८ | १४२-भक्त चाण्डालके द्वारा भगवन्नाम-कीर्तन..... | ३९७ |
| ११४-भगवान्की मथुरा-यात्रा और गोपियोंकी व्याकुलता | ३१० | १४३-चाण्डालकी सत्यता देख ब्रह्मराक्षसका आश्चर्य | ३९९ |
| १४४-ब्रह्मराक्षसद्वारा भगवद्भक्त चाण्डालको प्रणाम | ४०० |