भारतकोश
संक्षिप्त ब्रह्मपुराण

संक्षिप्त ब्रह्मपुराण

Brahma Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

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विषयपृष्ठ-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
२८- भगवान् श्रीकृष्णका जाम्बवान्की गुफामें प्रवेश४५समाचार बताना१५५
२९- श्रीकृष्णका सत्राजित्को मणि समर्पित करना४६५९- भगीरथकी गङ्गाजीसे प्रार्थना१५७
३०- अक्रूरसे मिली हुई मणिको भगवान्का पुनः उन्हींको रखनेके लिये देना४७६०- कपोत-दम्पतिका स्वर्गगमन१६२
३१- मुनियोंका व्यासजीसे प्रश्न६२६१- कण्वके द्वारा गङ्गा और क्षुधाकी स्तुति ......१६५
३२- ब्रह्माजीका महर्षियोंको उपदेश६३६२- गौतमके द्वारा प्रसवकालमें गायकी परिक्रमा१६६
३३- अदितिको भगवान् सूर्यका वरदान७४६३- गौतमका इन्द्र और अहल्याको शाप१६८
३४- भगवान् सूर्यके तेजसे दैत्योंका दग्ध होना ..७५६४- याज्ञवल्क्य और जनकका वरुणसे शङ्काका समाधान कराना१६९
३५- तपस्विनी पार्वतीको ब्रह्माजीका वरदान ......७९६५- देवताओंद्वारा गोयज्ञका अनुष्ठान ......१७२
३६- पार्वतीदेवीका अपनी तपस्या देकर ब्राह्मण-बालककी ग्राहसे रक्षा करना८१६६- भगवान् शिवका शुक्रको मृतसंजीवनी विद्याका दान१७६
३७- पार्वतीजीका स्वयंवरमें महादेवजीके चरणोंमें माला अर्पण करना८३६७- पुलस्त्यका कुबेरको गौतमी-तटपर जानेका आदेश देना१७७
३८- पार्वती और शिवका विवाह८४६८- वृद्धा तपस्विनीका गौतमको अपना परिचय देना१८२
३९- पार्वतीका महादेवजीसे हिमालय छोड़कर अन्यत्र चलनेका अनुरोध ......८६६९- देवताओंका दधीचि मुनिके आश्रमपर जाना और मुनिके द्वारा उनका सत्कार१८८
४०- देवताओंको कहीं जाते देख पार्वतीका महादेवजीसे प्रश्न८७७०- दधीचिका योगद्वारा प्राण-त्याग ......१९०
४१- भगवान् शङ्करका वीरभद्रको दक्ष-यज्ञ-विध्वंसके लिये आदेश८८७१- भगवान् शिवका कुपित पिप्पलादको समझाना ......१९२
४२- दक्षको भगवान् शिवका वरदान८९७२- गौतमी-तटपर शिवकी कृपासे नागराजको दिव्यरूपकी प्राप्ति१९८
४३- राजा इन्द्रद्युम्नका पुरुषोत्तमक्षेत्रको प्रस्थान ...१०२७३- गणेशजीका देवताओंको आश्वासन ......२००
४४- लक्ष्मीका भगवान् विष्णुसे प्रश्न१०३७४- कठका भरद्वाजके पास विद्याध्ययनके लिये आगमन२०४
४५- श्रीविष्णुका यमराजको आश्वासन१०४७५- धन्वन्तरिके द्वारा भगवान् विष्णुका स्तवन...२०६
४६- महानदी और समुद्रका संगम१०५७६- इन्द्रको शिव और विष्णुका वरदान ......२०९
४७- राजा इन्द्रद्युम्नका पुरुषोत्तमक्षेत्रमें मुनियों और राजाओंके साथ अश्वमेधयज्ञ करनेका विचार करना ......१०७७७- अग्नि और यमका कपोत और उलूकमें प्रेम कराना२२१
४८- राजा इन्द्रद्युम्नके द्वारा हाथी, घोड़े और गौ आदिका दान१०८७८- भरद्वाजके यज्ञमें यज्ञघ्नका प्रकट होना ......२३०
४९- राजा इन्द्रद्युम्नको स्वप्नमें भगवद्दर्शन११४७९- गोदावरीके जलका छींटा देनेसे यज्ञघ्नको गौरवर्णकी प्राप्ति२३१
५०- पुरुषोत्तमधामकी झाँकी११८८०- लक्ष्मी और दरिद्राके विवादमें गोदावरीके द्वारा दरिद्राकी भर्त्सना२३४
५१- मार्कण्डेय मुनिका प्रलयाग्निके भयसे भागना१२०८१- पुरोहित-पत्नीको जीवित करनेके लिये राजा शर्यातिका अग्निमें प्रवेश२३५
५२- मार्कण्डेय मुनिको प्रलय-समुद्रमें बालमुकुन्दके दर्शन ......१२१८२- आत्रेयमुनिके द्वारा इन्द्रके ऐश्वर्यका दर्शन ......२३७
५३- भगवान् शिवका श्वेतको दर्शन देना और मरे हुए ब्राह्मण-बालकको जिलाना१३०८३- अपने मोहके कारण आत्रेयमुनिका लज्जित होना२३८
५४- राजा श्वेतको भगवान् विष्णुका वरदान ......१३३८४- भगवान् नृसिंहके द्वारा आम्बर्यका वध ......२४१
५५- देवताओंका भगवान् विष्णुकी शरणमें जाना१४८८५- पिशाचरूपी अजीगर्तिका अपने पुत्र शुनःशेपसे अपना दुःख निवेदन करना२४२
५६- वामनका विराट्रूप१५०
५७- गौतमका भगवान् शङ्करसे गङ्गाजीकी याचना१५२
५८- नारदजीका सगरको उनके पुत्रोंके भस्म होनेका